संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा किसान संसद आयोजित

संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा किसान संसद आयोजित

जे टी न्यूज, पटना: पटना के आई एम ए हॉल में संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आयोजित किसान संसद की अध्यक्षता अशोक प्रसाद सिंह,प्रो आनंद किशोर,डॉ श्यामनंदन शर्मा,चंद्रशेखर यादव,अनिल कुमार सिंह,रामायण सिंह,अश्वनी चौबे एवं पशुपति सिंह की अध्यक्ष मंडली ने अध्यक्षता की।सर्वप्रथम संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय किसान नेता युद्धवीर सिंह को और फूल माला पहनाकर किसान नेता दिनेश कुमार ने सम्मानित किया। किसान नेता माननीय सांसद सुधाकर सिंह को संयुक्त किसान मोर्चा बिहार के नेता अशोक प्रसाद सिंह ने अंगवस्त्र और पुष्प माला से सम्मानित किया। प्रो विद्यार्थी विकास को प्रो आनंद किशोर ने फूलमाला और अंगवस्त्र से सम्मानित किया। पूर्व मंत्री वृषण पटेल को रामायण सिंह ने फूल माल और अंग वस्त्र से सम्मानित किया। पूर्व मंत्री अखलाक अहमद को डॉ श्याम नंदन शर्मा ने फूलमाला और अंग वस्त्र से सम्मानित किया। दिनेश कुमार ने आगत अतिथियों एवं किसान प्रतिनिधियों के प्रति किसान संसद में स्वागत भाषण पेश किया। मंच संचालन किसान नेता अशोक प्रसाद सिंह ने किसान संसद के उद्देश्य पर विशेष चर्चा की और आगे का कार्यक्रम पेश किया।किसान संसद का उद्घाटन करते हुए भारतीय किसान यूनियन टिकैत के महासचिव युद्धवीर सिंह ने कहा कि आज की परिस्थितियों से जुझना और किसानों के अस्तित्व को बचाना बहुत जरूरी हो गया है।उन्होंने कहा कि किसान और कृषि को देश का रीढ कहा जाता है, मगर किसानों की रीढ की क्या स्थिति है? इस पर कोई चिंतन नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे किसानों का वजूद खत्म हो रहा है ।आजादी के समय 80% लोग गांव में रहते थे, 20% शहर में रहते थे, आज 43% शहर में रहते हैं 57% गांव में रहते हैं।गांव से पलायन तब होता है, जब गांव में रहकर परिवार चलाना मुश्किल हो जाता है। हमारे लड़के खेती करना पसंद नहीं करते, खेती घाटे का धंधा है। किसानों को अपने फसलों का सही एम एस पी नहीं मिल रहा है अमेरिका से किए गए मुक्त व्यापार समझौता से भारत का किसान तबाह हुआ बर्बाद हो जाएगा। किसान नेता सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि बीज बिल,बिजली बिल विधेयक और कीटनाशक विधेयक से भारत में किसानी तबाह हो जाएगी। देश में सबसे पहले मंडी कानून बिहार में समाप्त हुआ। किसान संगठित होकर अपनी लड़ाई नहीं लड़ेंगे तो फिर किसानी को कोई बचा नहीं सकता।बिहार सरकार के पूर्व मंत्री भीषण पटेल और पूर्व मंत्री अखलाक अहमद ने भी किसान संसद को संबोधित किया।

किसान संसद को प्रदीप प्रियदर्शी,रामायण सिंह,रामचंद्र आजाद,मनोज कुमार,अश्विनी चौबे,चंदन यादव,वीरेंद्र जी, कल्लू सिंह, डॉक्टर श्यामनंदन शर्मा,प्रोफेसर आनंद किशोर,अनिल कुमार सिंह,पशुपति सिंह,सुरेश मिश्रा, वशिष्ठ सिंह,शशि कुमार,बैजनाथ शर्मा,चंद्रशेखर यादव उडयन राय और अमरेश नंदन ने भी संबोधित किया।

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