फर्जी प्रमाण-पत्र मामले में ग्रामीण आवास सहायक की सेवा समाप्त, उप विकास आयुक्त ने जारी किया आदेश
फर्जी प्रमाण-पत्र मामले में ग्रामीण आवास सहायक की सेवा समाप्त, उप विकास आयुक्त ने जारी किया आदेश
जे टी न्यूज,मधुबनी

जिला प्रशासन द्वारा सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं ईमानदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए फर्जी प्रमाण-पत्र के आधार पर नियुक्ति प्राप्त करने के मामले में लदनियां प्रखंड के अजय कुमार रमन, ग्रामीण आवास सहायक की सेवा समाप्त कर दी गई है।
उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, मधुबनी सुमन प्रसाद साह द्वारा विस्तृत जांच, विभिन्न स्तरों पर प्रमाण-पत्रों के सत्यापन, संबंधित संस्थानों से पत्राचार एवं संबंधित पक्ष को पर्याप्त अवसर प्रदान करने के उपरांत प्राप्त तथ्यों के आधार पर संबंधित ग्रामीण आवास सहायक की सेवा समाप्त करने का आदेश निर्गत किया गया है।
इस संबंध में उन्होंने कहा कि मधुबनी जिला प्रशासन सुशासन, पारदर्शिता एवं प्रशासनिक शुचिता के सिद्धांतों के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा अनियमितता, फर्जीवाड़ा एवं भ्रष्टाचार के प्रति “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई गई है। “सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और जनविश्वास बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी व्यक्ति द्वारा गलत जानकारी, फर्जी दस्तावेज अथवा अन्य अनियमित माध्यमों से सरकारी सेवा प्राप्त करने का प्रयास गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को स्पष्ट निर्देश प्राप्त हैं कि नियुक्ति एवं सेवा से संबंधित मामलों में नियमों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी भी स्तर पर फर्जीवाड़ा, कदाचार अथवा भ्रष्टाचार के मामले सामने आते हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कार्रवाई करे।
यह कार्रवाई जिला प्रशासन की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत शासन व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखते हुए जनता के विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
“सुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही ही प्रशासन की पहचान है तथा जनहित के विरुद्ध किसी भी प्रकार की अनियमितता स्वीकार्य नहीं होगी।


