अग्निशमन विभाग का बड़ा अभियान, अस्पतालों और कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच जे टी न्यूज़, समस्तीपुर : समस्तीपुर में अग्निशमन विभाग ने फायर सेफ्टी को लेकर विशेष जांच अभियान चलाया। हाल ही में मुजफ्फरपुर के अस्पताल और दिल्ली के होटल में हुई आगजनी की घटनाओं के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। जिले के अस्पतालों और कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों की जांच की गई।अग्निशमन विभाग की टीम ने समस्तीपुर के कई अस्पतालों और कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट और अन्य सुरक्षा उपकरणों की बारीकी से जांच की गई।अधिकारियों ने यह भी देखा कि आग लगने की स्थिति में बचाव के लिए पर्याप्त व्यवस्था मौजूद है या नहीं।निरीक्षण के दौरान संस्थानों के संचालकों को फायर सेफ्टी नियमों की जानकारी दी गई। साथ ही अग्निशमन विभाग से फायर एनओसी लेने की प्रक्रिया और जरूरी दिशा-निर्देश भी बताए गए। जिन संस्थानों के पास अब तक फायर एनओसी नहीं है, उन्हें जल्द प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया। अस्पताल, होटल और कोचिंग संस्थानों जैसे सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है। विभाग लगातार फायर सेफ्टी ऑडिट और निरीक्षण अभियान चला रहा है ताकि किसी भी संभावित हादसे को रोका जा सके।अग्निशमन विभाग का कहना है कि जिलेभर में यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित अग्निकांड से पहले ही सतर्कता बरतना है।

अग्निशमन विभाग का बड़ा अभियान, अस्पतालों और कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच


जे टी न्यूज़, समस्तीपुर : समस्तीपुर में अग्निशमन विभाग ने फायर सेफ्टी को लेकर विशेष जांच अभियान चलाया। हाल ही में मुजफ्फरपुर के अस्पताल और दिल्ली के होटल में हुई आगजनी की घटनाओं के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। जिले के अस्पतालों और कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों की जांच की गई।अग्निशमन विभाग की टीम ने समस्तीपुर के कई अस्पतालों और कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट और अन्य सुरक्षा उपकरणों की बारीकी से जांच की गई।अधिकारियों ने यह भी देखा कि आग लगने की स्थिति में बचाव के लिए पर्याप्त व्यवस्था मौजूद है या नहीं।निरीक्षण के दौरान संस्थानों के संचालकों को फायर सेफ्टी नियमों की जानकारी दी गई। साथ ही अग्निशमन विभाग से फायर एनओसी लेने की प्रक्रिया और जरूरी दिशा-निर्देश भी बताए गए। जिन संस्थानों के पास अब तक फायर एनओसी नहीं है, उन्हें जल्द प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया।
अस्पताल, होटल और कोचिंग संस्थानों जैसे सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है। विभाग लगातार फायर सेफ्टी ऑडिट और निरीक्षण अभियान चला रहा है ताकि किसी भी संभावित हादसे को रोका जा सके।अग्निशमन विभाग का कहना है कि जिलेभर में यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित अग्निकांड से पहले ही सतर्कता बरतना है।

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