डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय,पूसा एसिड कांड की जांच रिपोर्ट में हो रही लीपापोती : अमित कुमार

डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय,पूसा एसिड कांड की जांच रिपोर्ट में हो रही लीपापोती : अमित कुमार

डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय,पूसा एसिड कांड की जांच रिपोर्ट में हो रही लीपापोती : अमित कुमार

पैथोलाजी विभाग के अध्यक्ष एवं वरीय अधिकारियों को बचाने का हो रहा प्रयास:- माले

विश्विद्यालय के अधिकारियों की जांच पर भरोसा नहीं, बाह्य विशेषज्ञ से जांच की मांग को लेकर आंदोलन‌ करेगा माले:

जे टी न्यूज, समस्तीपुर, पूसा:
भाकपा-माले पूसा प्रखंड सचिव अमित कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा परिसर में हुए चर्चित एसिड कांड की जांच रिपोर्ट में लीपापोती किए जाने पर गहरी चिंता और आक्रोश व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा है कि विश्वविद्यालय परिसर में 24 नवंबर 2025 को एसिड भरी बोतल फटने से चार कर्मी गंभीर रूप से झुलस गए थे। यह घटना‌ पैथोलॉजी लैब के निकट हुई थी। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जांच टीम गठित की गई थी। लेकिन करीब छह महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है । विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच के नाम पर खानापूर्ति कर दी है और किसी को भी इतने बड़े घटना के लिए दोषी नहीं ठहराया गया है। जांच की पूरी प्रक्रिया मांग के बाद भी सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है।
माले सचिव ने कहा कि विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों से यह स्पष्ट हुआ था कि घटना को लेकर कई गंभीर सवाल उठे थे। घटना स्थल के पास ही पैथोलॉजी लैब है। घटनास्थल की परिस्थितियों में बदलाव, खून के निशान और विस्फोटित बोतल के अवशेषों को तत्काल हटाए जाने, एसिड की बोतल वहां कैसे पहुंची, किसके निर्देश पर उसे कूड़ेदान में फेंका गया तथा खतरनाक रसायनों के रख-रखाव में हुई लापरवाही जैसे अनेक प्रश्न आज भी अनुत्तरित हैं। बावजूद इसके विश्वविद्यालय प्रशासन पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डालने का प्रयास कर रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से हुई है तो फिर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने में विश्वविद्यालय प्रशासन को आखिर किस बात का डर है? इतने गंभीर मामले की जांच विश्वविद्यालय प्रशासन को पारदर्शी तरीके से बाह्य विशेषज्ञों से कराना चाहिए। और उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। ऐसा करने में विवि प्रशासन की आनाकानी संदेह को और गहरा कर रही है। इससे यह आशंका बलवती हो रही है कि मामले में जिम्मेदार लोगों को बचाने तथा पूरे प्रकरण पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है।
भाकपा-माले ने मांग की है कि एसिड कांड की जांच बाह्य विशेषज्ञ से कराई जाये, क्योंकि विश्वविद्यालय के अधिकारी एक दूसरे को बचाने का प्रयास करेंगे। इस घटना के जिम्मेदार अधिकारी , कर्मचारी और प्रोफेसर की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। तथा विश्वविद्यालय में खतरनाक रसायनों के भंडारण, उपयोग एवं निष्पादन की व्यवस्था की स्वतंत्र जांच कराई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
माले प्रखंड सचिव अमित कुमार ने कहा है कि यदि शीघ्र ही जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई और बाह्य विशेषज्ञ से जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो भाकपा-माले चरणबद्ध आंदोलन करेगा। अमित कुमार ने कहा कि भाकपा माले विश्वविद्यालय के मजदूरों के हित में पहले भी आंदोलन करता रहा है और इस घटना में कई मजदूर बुरी तरह घायल हो गए थे। लेकिन न तो इस मामले पर कोई एफआईआर किया गया और न ही किसी दोषी पर कार्रवाई की गई।

किसी तरह की कार्रवाई न होने से ऐसी घटनाएं फिर से अन्य लैब में हो सकती है और दूसरे मजदूरों की जान पर खतरा हो सकता है। । इसलिए भाकपा माले मजदूरों की रक्षा के लिए आंदोलन करने से नहीं हिचकिचायेगी। अमित कुमार ने कहा कि कुलपति इस मामले पर संज्ञान ले और एक सप्ताह से अंदर बाह्य विशेषज्ञ से जांच कराये नहीं तो माले आंदोलन करने को बाध्य होगी। विश्वविद्यालय के मजदूरों की जान के साथ खिलवाड़ भाकपा माले बर्दाश्त नहीं करेगी।

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