मोदी सरकार सचमुच पेपर लीक को महापाप मानती है, तो शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ले: अरुण यादव
मोदी सरकार सचमुच पेपर लीक को महापाप मानती है, तो शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ले: अरुण यादव
पटना में राजभवन मार्च कर रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस और लाठीचार्ज घोर निंदनीय

जे टी न्यूज, पटना :
राष्ट्रीय जनता जनता के प्रदेश प्रवक्ता अरुण कुमार यादव ने कहा कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार, पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में पटना में राजभवन मार्च कर रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पटना पुलिस द्वारा वाटर कैनन, आँसू गैस और लाठीचार्ज किया जाना घोर निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों और छात्र-नौजवानों द्वारा पेपर लीक, शिक्षा, रोजगार और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था सहित जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना कोई अपराध नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकार है।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा विपक्षी दलों और छात्र-नौजवानों की आवाज को आंसू गैस, वाटर कैनन, लाठीचार्ज मुकदमों, गिरफ्तारी और दमन से दबाने की कोशिश लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। सरकार के इन दमनकारी नीतियों से विपक्षी दलों के नेता और छात्र-नौजवान किसी भी कीमत पर डरने वाले नहीं हैं।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि NEET पेपर लीक महापाप है, लेकिन सवाल है कि जब महापाप हुआ तो उसके लिए जिम्मेदार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अब तक पद पर क्यों बने हुए हैं? अगर सरकार सचमुच पेपर लीक को महापाप मानती है, तो केवल बयान नहीं, जवाबदेही भी तय करे। शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेकर निष्पक्ष जांच कराए।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार में अब तक 152 परीक्षाओं में पेपर लीक हुए हैं। बिहार में तो ऐसा एक भी परीक्षा नहीं है, जिसका पेपर लीक नहीं होता है। इसलिए पेपर लीक रोकने के लिए एक सख्त कानून बने। नीट पेपर लीक उपरांत डिप्रेशन में आकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा मिले। देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को सरकार संरक्षण नहीं दे, बल्कि उन्हें कड़ी से कड़ी से सजा दे।


