मैं सबकी जमानत जब्त करा दूंगा – संजय वर्मा
मैं सबकी जमानत जब्त करा दूंगा – संजय वर्मा

जे टी न्यूज़, पटना : मैं सबकी जमानत जब्त करा दूंगा यह बात पूरे ताल ठोंक कर सार्वजनिक तौर पर कहते दिख रहे हैं प्रो नवल किशोर यादव पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा(एनडीए) उम्मीदवार अबतक वो पांच बार चुनाव जीत चुके छठी बार मैदान में है वो कहते है सिक्सर लगाऊंगा यह सब कहते हुए उनका आत्मविश्वास देखते बनता है पहली बार 1996 में महज 30 वर्ष की उम्र में राजद के टिकट पर चुनाव मैदान में कूदे और उन्होंने सफलता प्राप्त कर ली उनका सामना लगातार जीत का रिकॉर्ड कायम कर रहे उस प्रो पी एन शर्मा से पड़ा जो कांग्रेस के दिग्गज नेता थे और अंगद की तरह पावं जमाये थे तब किसी ने कल्पना तक नहीं की थी कि नए नवेले नवल किशोर यादव से उन्हें पराजित होना पड़ेगा फिर दूसरी बार प्रो पी एन शर्मा ने अपने पुत्र को खड़ा किया उन्हें प्रो नवल किशोर यादव ने बुरी तरह पराजित किया तीसरी बार नवल किशोर यादव भाजपा से लड़े और उनका सामना उस जनार्दन प्रसाद सिंह से हुआ जो नीतीश कुमार के खास थे जिन्हें जिताने के लिए एड़ी चोटी तक का जोर लगाया गया था पर चुनाव में नवल किशोर यादव ने धूल चटा दिया चौथी बार अर्जुन प्रसाद और पांचवीं बार नारायण यादव को हराया गौर करें तो अबतक के पांच चुनाव में एक चुनाव को छोड़ सभी चुनावों में तमाम प्रत्याशियों की जमानत जब्त करा दी हर चुनाव में जीत का नया कीर्तिमान बनाया प्रो नवल किशोर यादव हर चुनाव से पहले यही कहते आए हैं कि सबकी जमानत जब्त करा देंगे और यही होता आया है अबतक यदि उनकी पुरानी कही बात सच हुई तो क्या इस चुनाव में भी सच होगा वो सिक्सर मारने में सफल होंगे वैसे इस चुनाव में राजद की ओर से खगड़िया के परबत्ता के पूर्व विधायक डॉ संजीव जनसुराज से डॉ दिव्य ज्योति निर्दलीय विवेक शर्मा संजय शर्मा चुनाव मैदान में उतरेंगे ये सभी के सभी गैर शिक्षक और एक ही जाति से है ये चेहरे शिक्षकों के लिए अंजान है न शिक्षा न शिक्षक किसी से कोई मतलब कभी नहीं रहा फिर भी चुनाव मैदान में कूद पड़े है 30 वर्षों से प्रो नवल किशोर यादव ने शिक्षकों के साथ जो अटूट रिश्ता बनाया उनके सम्मान स्वाभिमान अधिकार की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ी शिक्षक उन्हें छोड़कर किसी और को मौका देगी दूर दूर तक कोई संभावना नजर नहीं आती शिक्षक प्रतिद्वंदी उम्मीदवारों से एक ही सवाल कर रहे मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है इस बीच नवल किशोर यादव ने 44 वर्ष से चली आ रही वित्त रहित शिक्षा नीति से प्रभावित हजारों शिक्षकों के लिए नया वेतनमान की पुरानी मांग को सरकार से मनवा कर अभूतपूर्व और ऐतिहासिक काम कर दिया इसका सीधा लाभ चुनाव में उन्हें मिलता दिख रहा है

