*क्वारंटाईन सेन्टर में कार्यरत रसोईया का पारिश्रमिक का अविलंब भुगतान करो।*9431406262

*सेन्टर में कार्यरत रसोईया को आवश्यक सुरक्षा सामिग्री मुहैय्या करो।*

 

*सभी रसोईया का20लाख का बीमा करो।*

जेटी न्यूज़।

पटना::- बिहार राज्य मिड डे मील वर्कर्स (रसोईया) यूनियन के राज्याध्यक्ष विनोद कुमार ने प्रेस के लिए निम्नलिखित प्रेस वक्तव्य जारी किया है।

प्रवासी मजदूरों के लिए राज्य के विभिन्न प्रखंड मुख्यालयों एवं पंचायतों में बनाए गए क्वारंटाईन सेन्टर में प्रवासी मजदूरों के लिए खाना बनाने तथा खिलाने के कार्य में अधिकांश जगहों में प्रारंभिक विद्यालयों के एम डी एम रसोईया को स्थानीय प्रशासन के निर्देश पर रखा गया है।

सेन्टर में कार्यरत रसोईया अपने जीवन को जोखिम में डालकर कोराना महामारी के खिलाफ जंग में अपने दायित्वों का बखूबी निर्वहन कर रही है। लेकिन अधिकांश जगहों में इन रसोइयों के साथ स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों एवं सेन्टर के ब्यवस्थापकों का रवैया अत्यंत अमानवीय एवं अनैतिक है।

काम पर लगाए गए रसोईया को बगैर पारिश्रमिक का भुगतान किए तथा समुचित सुरक्षा मुहैय्या कराए बात बात पर काम से हटा देने की धमकी और दबाव देकर काम करवाया जा रहा है। आपदा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार क्वारंटाईन सेन्टर में कार्यरत रसोईया के लिए प्रतिदिन 299रू प्राश्रमिक तथा महामारी के संक्रमण से बचाव के लिए मास्क, सेनेटाइजर, साबुन, कपड़ा एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा सामिग्री मुहैय्या कराया जाना है।

परंतु विभिन्न जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार सरकारी निर्देशों का स्थानीय अधिकारियों द्वारा सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। कई दिनों से काम करने के बाद भी पारिश्रमिक का भुगतान करने में टाल-मटोल तथा कई तरह से गुमराह कर आपदा विभाग द्वारा तय राशि का गबन करने का कोशिश किया जा रहा है।

मसलन रसोईया को कहा जा रहा है कि एम डी एम रसोईया के लिए आपदा विभाग से पारश्रमिक का कोई प्रावधान नहीं है। इसी प्रकार सुरक्षा सामग्री मुहैय्या कराने के मामले में भी आपराधिक लापरवाही बरती जा रही है। इतना ही नहीं कई केन्द्रों पर व्यवस्थापकों द्वारा खाना एवं नास्ता के लिए प्रर्याप्त सामग्री मुहैय्या नहीं किए जाने के चलते रसोईया को ही प्रवासी मजदूरों के आक्रोश का कोपभाजन बनना पड़ रहा है।

व्यवस्था की कमी को उजागर करने पर रसोईया को सरकारी कार्यों में बाधा डालने के मनगढ़ंत आरोप लगाकर झूठे मुकदमों में फंसाने की घटनाएं भी सामने आ रही है। विगत दिनों खगड़िया जिला के प्रवक्ता प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय खिरजी में बनाए गए क्वारटाईन सेन्टर में ब्याप्त कुब्यस्था को उजागर करने पर मीरा देवी सहित 4 रसोईया को विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा फर्जी मुकदमे में फंसाने की कार्रवाई इसका जीता जागता उदाहरण है।

सरकार द्वारा भी रसोईया के साथ भेदभाव किया जा रहा है। कोराना के खिलाफ जंग में शामिल तमाम कर्मियों के लिए बीमा का प्रावधान किया गया लेकिन रसोईया को इससे वंचित रखा गया है जबकि बाहरी प्रदेशों से आए मजदूरों के बीच असुरक्षित माहौल में कार्य कर रहे रसोईया को संक्रमित होने का खतरा हर वक़्त बना हुआ है।

बिहार राज्य मिड डे मील वर्कर्स यूनियन बिहार राज्य कमिटी बिहार सरकार, आपदा विभाग के प्रधान सचिव से यह मांग करता है क्वारंटाईन सेन्टर में कार्यरत एम डी एम रसोईया के पारश्रमिक का अविलंब भुगतान किया जाएं, मास्क, सेनेटाइजर, साबुन, कपड़ा सहित संक्रमण से बचाव के लिए अन्य आवश्यक सामग्री तथा 20 लाख का बीमा का लाभ सुनिश्चित किया जाए और रसोईया के साथ अमानवीय व्यवहार व प्रताड़ना पर रोक लगाया जाए।

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