संबंधी भी करे गलत स्पर्श तो बच्चे विरोध करें और ‘न’ कहें : निर्भय कुमार

पोद्दार इंटरनेशनल स्कूल में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

संबंधी भी करे गलत स्पर्श तो बच्चे विरोध करें और ‘न’ कहें : निर्भय कुमार

पोद्दार इंटरनेशनल स्कूल में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

जे टी न्यूज,
समस्तीपुर: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर संचालित ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार, समस्तीपुर की ओर से शम्भूपट्टी स्थित पोद्दार इंटरनेशनल स्कूल में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम-2012, बाल अधिकार, गुड टच-बैड टच तथा आत्मसुरक्षा के उपायों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य अखौरी नील किशोर सिन्हा ने की, जबकि मंच संचालन आशा सेवा संस्थान के सचिव अमित कुमार वर्मा ने किया।

इस अवसर पर जेजेबी सदस्य निर्भय कुमार ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चा अपने शरीर का स्वयं मालिक है। यदि कोई व्यक्ति, यहां तक कि कोई संबंधी भी गलत तरीके से स्पर्श करता है या ऐसा करने की कोशिश करता है, तो बच्चे बिना किसी डर और संकोच के उसका विरोध करें और स्पष्ट रूप से ‘न’ कहें। ऐसी स्थिति में तुरंत अपने माता-पिता या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी दें। उन्होंने बच्चों को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक और सतर्क रहने की सलाह दी।

सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष रंजू कुमारी ने कहा कि बच्चों का मानसिक एवं शारीरिक रूप से सुरक्षित वातावरण में विकास करना उनका बुनियादी अधिकार है। किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार या असहज स्थिति में बच्चों को चुप रहने के बजाय अभिभावकों, शिक्षकों या संबंधित समिति से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने समाज के सभी लोगों से बच्चों के प्रति संवेदनशील और सजग रहने की अपील की।

कर्पूरीग्राम थाना की एसआई पूजा कुमारी ने कहा कि पुलिस प्रशासन बच्चों की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने बच्चों को आपातकालीन सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और आपातकालीन नंबर 112 की जानकारी दी तथा किसी भी खतरे की स्थिति में तत्काल सहायता लेने की सलाह दी।

पैनल अधिवक्ता रूपम कुमारी जायसवाल ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे तक न्याय एवं विधिक सहायता पहुंचाना है। बच्चों के अधिकारों का हनन होने पर प्राधिकार की ओर से निःशुल्क विधिक सहायता और परामर्श उपलब्ध कराया जाता है।

विद्यालय के प्राचार्य अखौरी नील किशोर सिन्हा ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों का सर्वांगीण विकास और उनकी सुरक्षा विद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों को बाल सुरक्षा और अधिकारों के संरक्षण की शपथ दिलाई गई। मौके पर उप प्राचार्य चंदन कुमार, पारा विधिक स्वयंसेवक विजय कुमार, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, शिक्षकेतर कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

 

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