कहानी में मोड़ या मज़ाक? मोनिका की वापसी ने सवाल छोड़े बदनाम हुआ कॉलेज, अब किस पर हो कार्रवाई?”
कहानी में मोड़ या मज़ाक? मोनिका की वापसी ने सवाल छोड़े बदनाम हुआ कॉलेज, अब किस पर हो कार्रवाई?”
जे टी न्यूज़ , समस्तीपुर/स्टाफ रिपोर्टर: जिस घटना को समाज ने एक बेटी की सुरक्षा का मामला माना, वही अब एक उलझी हुई पहेली बनकर सामने आई है। छात्रा मोनिका की गुमशुदगी पर हंगामा, धरना, आंदोलन, राजनीतिक बयानबाज़ी और पुलिस-प्रशासन पर सवाल — ये सब तब हुआ जब परिवार ने आरोप लगाया कि बेटी गायब है और कुछ अनहोनी हो सकती है। लेकिन फिर पांचवे दिन आया एक वीडियो, जिसने पूरी कहानी की दिशा बदल दी।वायरल वीडियो और मोनिका का दावा: वीडियो में मोनिका कहती है “मैं अपनी मर्जी से गई हूं, शादी कर ली है, कृपया मेरी फोटो और खबरें हटाएं। नहीं तो मानहानि का केस करूंगी।” यह कथन अपने आप में अनेक प्रश्नों को जन्म देता है। लेकिन सबसे पहले — क्या यह वीडियो असली है? और यदि असली है, तो क्या मोनिका को यह हक़ है कि वह सब पर सवाल उठाए, जबकि समाज, कॉलेज और प्रशासन उसकी तलाश में परेशान रहा?कॉलेज और प्रशासन की छवि को नुकसान: कॉलेज का नाम सुर्खियों में आया, लेकिन सकारात्मक वजहों से नहीं। प्रिंसिपल पर लापरवाही का आरोप लगा। सोशल मीडिया पर “कालेज असुरक्षित है” जैसे हैशटैग चलने लगे। छात्र संगठनों ने कक्षाएं तक बंद करवा दीं। अब जब मोनिका कह रही है कि सब उसने अपनी मर्जी से किया, तो प्रश्न उठता है — क्या इस बदनामी का जिम्मेदार वह खुद नहीं है?
परिवार, समाज और भविष्य पर असर : इस वायरल वीडियो के बाद कई छात्राओं के परिजन डरे हुए हैं। एक महिला अभिभावक ने कहा —
“अगर बच्चे बिना बताए ऐसा कदम उठाएं, तो समाज कैसे विश्वास करेगा? बेटी की आज़ादी ठीक है, लेकिन पारदर्शिता कहाँ?”
इस घटना से ना केवल कॉलेज बल्कि समाज का भरोसा भी चकनाचूर हुआ है।
—⚖ कानूनी पहलू — मोनिका और मानहानि:
मोनिका ने वीडियो में मानहानि का जिक्र किया है।
लेकिन सवाल ये है कि —
> ? क्या जिन्होंने पोस्ट किया, वो गलत थे?
? जब FIR दर्ज हुई, पुलिस जांच में लगी, समाज आंदोलित हुआ — तब क्या यही सच था?
? क्या मोनिका पर गुमराह करने, सामाजिक अराजकता फैलाने और झूठी सूचना (कॉलेज जाने) देने की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए?
? निष्कर्ष — भरोसे की हत्या सबसे बड़ा अपराध:
आज का समाज बेटियों को पढ़ा-लिखा रहा है, उन्हें फैसले लेने का अधिकार दे रहा है।
लेकिन उसी समाज के भरोसे के साथ अगर कोई खिलवाड़ करे, तो वो सिर्फ भावनात्मक धोखा नहीं, एक सामाजिक अपराध भी बन जाता है।
> ? यदि वीडियो असली है – मोनिका को सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए।
? यदि वीडियो झूठा है – प्रशासन को और गहराई से जांच करनी चाहिए। —? अब सवाल यही नहीं कि मोनिका कहाँ थी… सवाल ये है कि इतने लोगों की मेहनत और दर्द का जवाब कौन देगा?



