पीरपैंती थर्मल पावर प्लांट पर आदिवासियों का उबाल, अधिकारियों के आश्वासन पर फूटा गुस्सा
पीरपैंती थर्मल पावर प्लांट पर आदिवासियों का उबाल, अधिकारियों के आश्वासन पर फूटा गुस्सा

जे टी न्यूज़, भागलपुर: पीरपैंती थर्मल पावर प्लांट के भीतर रह रहे आदिवासी परिवारों का गुस्सा आखिरकार सड़क पर फूट पड़ा। वर्षों से पुनर्वास और सुरक्षित आवास का आश्वासन सुन रहे विस्थापित आदिवासियों ने सोमवार को प्लांट के मुख्य गेट पर चक्का जाम कर प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई।
आदिवासी समाज का आरोप है कि उन्हें बार-बार पुनर्वास और घर बनाकर देने का भरोसा दिया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक कुछ नहीं हुआ। असुरक्षा और अनिश्चितता के बीच रह रहे लोगों का कहना है कि अधिकारी केवल बैठक और आश्वासन तक सीमित हैं, जबकि विस्थापित परिवार बदहाल स्थिति में जीवन गुजारने को मजबूर हैं।
गुस्साए लोग पहले भाजपा विधायक के कार्यालय पहुंचे, जहां विधायक ने पदाधिकारियों से बातचीत कर “उचित स्थान पर सुरक्षित घर” दिलाने का भरोसा दिया। लेकिन आश्वासनों से नाराज लोगों का धैर्य टूट गया और बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग अदानी थर्मल पावर प्लांट के गेट पर पहुंचकर चक्का जाम पर बैठ गए।
स्थिति बिगड़ते देख प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद प्रशासन ने आंदोलनकारियों को शांत कर गेट खुलवाया। इस दौरान पीरपैंती थाना अध्यक्ष पंकज कुमार रावत भी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते विस्थापितों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन और उग्र हो सकता है। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर इतने बड़े परियोजना क्षेत्र में रहने वाले आदिवासी परिवारों के पुनर्वास को लेकर प्रशासन और कंपनी अब तक ठोस कदम क्यों नहीं उठा पाए? बार-बार दिए जा रहे आश्वासनों के बावजूद जमीनी हकीकत नहीं बदलने से अधिकारियों की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

