खरीफ महाअभियान पर सवाल: कर्मशाला में योजनाओं की चर्चा, लेकिन किसानों को नहीं मिल रहा बीज

खरीफ महाअभियान पर सवाल: कर्मशाला में योजनाओं की चर्चा, लेकिन किसानों को नहीं मिल रहा बीज

जे टी न्यूज, समस्तीपुर: एक ओर कृषि विभाग शारदीय (खरीफ) महाअभियान-2026 के तहत जिला स्तर पर भव्य कर्मशाला और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर किसानों की आय बढ़ाने, वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने और कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जिले के कई प्रखंडों में किसान खरीफ फसलों के लिए बीज की उपलब्धता को लेकर परेशान हैं।

सोमवार को जिला मुख्यालय में आयोजित कर्मशाला में अधिकारियों ने खेत बचाओ महाअभियान, कृषि यांत्रिकीकरण योजना, उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक उपयोग और आधुनिक खेती की तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि खरीफ सीजन शुरू होने के बावजूद कई प्रखंडों में सरकारी स्तर पर बीज उपलब्ध नहीं हो पाया है।

किसानों का कहना है कि धान और अन्य खरीफ फसलों की बुआई का समय नजदीक है, लेकिन उन्हें सरकारी दर पर बीज नहीं मिल रहा। मजबूरी में किसान निजी दुकानों से ऊंची कीमत पर बीज खरीद रहे हैं। कई किसानों ने यह भी आशंका जताई है कि बाजार में उपलब्ध बीजों की गुणवत्ता को लेकर संदेह बना रहता है और यदि बीज खराब निकला तो पूरी फसल प्रभावित हो सकती है।

किसानों का सवाल है कि जब कृषि विभाग खरीफ महाअभियान चला रहा है तो सबसे पहली जरूरत गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करना होनी चाहिए। उनका कहना है कि प्रशिक्षण और बैठकों से अधिक महत्वपूर्ण किसानों तक समय पर बीज और अन्य कृषि संसाधनों की पहुंच है।

ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों का आरोप है कि विभागीय बैठकों और कार्यक्रमों पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन इसका सीधा लाभ किसानों तक पहुंचता हुआ दिखाई नहीं देता। किसानों का कहना है कि यदि उसी संसाधन का उपयोग बीज वितरण व्यवस्था को मजबूत करने, कृषि केंद्रों पर स्टॉक उपलब्ध कराने और किसानों की समस्याओं के समाधान में किया जाता तो इसका अधिक सकारात्मक प्रभाव पड़ता।

कृषि विशेषज्ञों का भी मानना है कि खरीफ मौसम में समय पर बीज उपलब्ध नहीं होने से उत्पादन प्रभावित हो सकता है। प्रशिक्षण कार्यक्रमों की सफलता तभी मानी जाएगी जब योजनाओं का लाभ वास्तव में खेतों तक पहुंचे और किसानों को आवश्यक कृषि सामग्री समय पर उपलब्ध हो।

अब सवाल यह है कि जब जिले में खरीफ महाअभियान को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, तो किसानों को बीज के लिए बाजार पर निर्भर क्यों रहना पड़ रहा है? क्या विभाग के पास पर्याप्त बीज भंडारण नहीं है, या वितरण व्यवस्था में कहीं न कहीं कमी है? इन सवालों का जवाब कृषि विभाग को देना होगा।

फिलहाल किसानों की मांग है कि सभी प्रखंडों में तत्काल पर्याप्त मात्रा में प्रमाणित बीज उपलब्ध कराया जाए, ताकि खरीफ मौसम की खेती प्रभावित न हो और किसानों को महंगे तथा संदिग्ध गुणवत्ता वाले बीज खरीदने के लिए मजबूर न होना पड़े।

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