कुसुम पाण्डेय स्मृति साहित्य संस्थान के तत्वावधान में भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन
कुसुम पाण्डेय स्मृति साहित्य संस्थान के तत्वावधान में भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन

जे टी न्यूज़, समस्तीपुर :कुसुम पाण्डेय स्मृति साहित्य संस्थान के तत्वावधान में कुसुम सदन के प्रागंण में रविवार की संध्या में भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें दूर दूर से बड़ी संख्या में रचनाकार उपस्थित हुए। डॉ रामेश गौरीश ने उपस्थित सभी रचनाकारों का हार्दिक स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिन्दी के चर्चित रचनाकार नरेंद्र कुमार सिंह त्यागी तथा संचालन सुप्रसिद्ध गज़लकार प्रवीण कुमार चुन्नू ने किया। सुप्रसिद्ध गीतकार एवं पूर्व रेल राजभाषा अधिकारी भुवनेश्वर मिश्र मुख्य अतिथि के रूप में विराजमान रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में संस्था के अध्यक्ष शिवेंद्र कुमार पाण्डेय ने जुलाई महिने में उत्पन्न हिन्दी साहित्य के आधार स्तम्भ राम पुनित ठाकुर तरुण,मार्कण्डेय प्रवासी,पं देवेन्द्र नाथ शर्मा, मुंशी प्रेमचंद डॉ राम लखन राय,प्रो मुन्नी सिन्हा, दिनेश दीन, चन्द्रधर शर्मा गुलेरी,इस्मत चुगताई के कृतित्व तथा व्यक्तित्व पर विशद चर्चा करते हुए उनके प्रति भावभीनी श्रद्धा सुमन अर्पित किया। राष्ट्र के वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी मंगल पांडे,पं चन्द्र शेखर तिवारी आजाद, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, के अलावा कारगिल शौर्य के अमर सेनानियों के प्रति भी हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित किया गया। ।गोष्ठी का प्रारंभ डॉ राम सूरत प्रियदर्शी द्वारा मां सरस्वती की आराधना गीत से किया गया। सावन की फुहार, भोलेनाथ को समर्पित भजन के अलावा ग़ज़ल, हास्य व्यंग, रोमांटिक एवं पर्यावरण संबंधी भोजपुरी गीत और मैथिली तथा बज्जिका की रचनाएं आकर्षण के केंद्र रहीं। डॉ नरेन्द्र कुमार सिंह त्यागी की नवीनतम कृति काव्य कलियां का सामूहिक रूप से लोकार्पण किया गया। काव्य कलियां पर अनेक रचनाकारों द्वारा समीक्षा भी की गई।
डॉ राम सूरत प्रियदर्शी, प्र अ मुकेश कुमार,राज कुमार चौधरी, शिवेंद्र कुमार पाण्डेय, भुवनेश्वर मिश्र, दिनेश प्रसाद धुरंधर, रामाश्रय राय राकेश, राजकुमार राय राजेश,, विष्णु कुमार केडिया,प्रवीण कुमार चुन्नू, दीपक कुमार श्रीवास्तव, , डॉ जितेन्द्र कुमार सिंह,राम लखन यादव, हरि नारायण सिंह हरि, डॉ, नरेंद्र कुमार सिंह त्यागी, शुभम कुमार, मुकेश कुमार,,मो जावेद समस्तीपुरी, विनोद विनित, कैलाश पोद्दार मनोहर,आदि की रचनाएं खूब पसंद की गई। समापन के पूर्व दिवंगत साहित्य मनीषियों डॉ राम पुनीत ठाकुर तरुण तथा पलटू चौधरी को समवेत रुप से श्रद्धांजलि दी गई।समापन आयुष्मान प्रकाश द्वारा धन्यवाद ज्ञापन से की गई। पसंद की गई कुछ विशिष्ट पंक्तियां निम्नलिखित हैं।

मेरे महबूब तुम्हें भूल सकूं मैं कैसे, जी रहा हूं तेरी याद के सहारे ,
तू जब तक थी, कांटों में सुमन खिलते थे,अब भंवर में पड़ी कश्ती बिना किनारे।
भुवनेश्वर मिश्र।।
बुलंदी से हौसला दिखलाने वाला चाहिए, झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए
गांधी वादी रास्ता राजेश अनुपम है सदा, संघर्ष को अंजाम तक पहुंचाने वाला चाहिए।
राज कुमार राय राजेश।
भाई जमाना उहे बढ़िया रहे,जब दुइये चार गो लोग पढत रहे,
बुढ़वा जवान आउर बेटा पतोह,सब लोग मरजादा में रहत रहे।
शिवेंद्र कुमार पाण्डेय ।
कैसा विलक्षण लग रहा मधुमालती का फूल है,
यह फूल है झुमका सदृश, जैसे लटकती फूल है।
डॉ नरेन्द्र कुमार सिंह त्यागी।
कहते हैं हमको दीवाना याद करिए, आप अपना भी जमाना याद करिए
याद करिए उन पुराने दोस्तों को, दौर कितना था सुहाना याद करिए।
प्रवीण कुमार चुन्नू।
लाठी नहीं रोजगार दो,हम सब को अधिकार दो
धूप पानी में बैठे हैं सब,अब तो थोड़ा प्यार दो।
डॉ राम सूरत प्रियदर्शी।
कर्मक्षेत्र में श्रेष्ठ देकर, न्याय पथ का अनुगामी बनकर,राष्ट्र कल्याण का मूल मंत्र जपकर, खुद को पहचाना कि कितना ऋणी हूं मैं?
मुकेश कुमार।
लो आया मनभावन सावन,छाए नभ में काले घन
मिटाने प्यास वसुंधरा की, बरसने लगे नभ से घन।
कैलाश पोद्दार मनोहर
गीत समस्तीपुर का आओ हम गायें,उर्वर भूमि सुहावन ,भावन, हर्षायें
आ रही नारि पथ मंद मंद, लयबद्ध चरण अति मृदुल छंद।
हरि नारायण सिंह हरि।


