जर्जर सड़क और अतिक्रमण से कराह रहा आलमनगर-माली चौक मुख्य पथ, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

जर्जर सड़क और अतिक्रमण से कराह रहा आलमनगर-माली चौक मुख्य पथ, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

जे टी न्यूज, उदाकिशुनगंज मधेपुरा:
आलमनगर-माली चौक मुख्य पथ इन दिनों अपनी बदहाली और प्रशासनिक उदासीनता के कारण राहगीरों के लिए सफर नहीं, सजा बन चुका है। जगह-जगह से पिचिंग (काला रोड) उखड़ जाने और सड़क के धंसने के कारण यह मुख्य मार्ग हादसों को खुला निमंत्रण दे रहा है। स्थिति इतनी जर्जर हो चुकी है कि आए दिन मोटरसाइकिल और चार पहिया वाहन चालक अनियंत्रित होकर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो कभी भी कोई बड़ी अनहोनी घट सकती है। सबसे भयावह स्थिति खाड़ा हाई स्कूल के समीप बनी हुई है। यहाँ सड़क पर इतने गहरे गड्ढे हो गए हैं कि वाहनों की रफ्तार थम सी जाती है। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और राहगीरों ने चिंता जताते हुए कहा कि आगामी बरसात का मौसम दस्तक देने वाला है। अगर मॉनसून से पहले इन गड्ढों की मरम्मत नहीं कराई गई, तो इनमें जलजमाव हो जाएगा। स्कूल के पास जमा यह पानी न जाने कितने राहगीरों और स्कूली बच्चों के लिए मुश्किलों का पहाड़ बन जाएगा, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है।
*आधी सड़क पर मक्का और गोबर का कब्जा, प्रशासन मौन*
एक तरफ जहाँ गड्ढों ने राहगीरों की कमर तोड़ रखी है, वहीं दूसरी तरफ मानवीय लापरवाही और अतिक्रमण ने आग में घी का काम किया है। सुखासनी मुशहरी के समीप मुख्य सड़क पर ही मक्का सुखाने से बाज नहीं आ रहे हैं। आलम यह है कि करीब आधी सड़क पर मक्का फैलाकर पूरे मार्ग को अवरुद्ध कर दिया जाता है। इसके अलावा, सड़क के बचे हुए हिस्सों और किनारों पर गोबर का गुआ थापने और कचरे का अंबार लगा देने से सड़क संकरी हो गई है। यही कारण है कि इस मार्ग पर चौबीसों घंटे जाम की स्थिति बनी रहती है।
बात अगर खाड़ा चौक की करें, तो यहाँ भी जाम की समस्या लाइलाज बीमारी बन चुकी है। इस भीषण गर्मी में, जहाँ पारा 37 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है, वहाँ स्थानीय प्रबुद्ध लोगों और आम राहगीरों को घंटों जाम में फंसकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। चिलचिलाती धूप और धूल के गुबार के बीच इस सड़क को पार करना किसी युद्ध को जीतने जैसी विकट स्थिति जैसा अहसास कराता है।
*जनता का सवाल,आखिर कब जागेगा प्रशासन?*
सड़क की इस दुर्दशा, अतिक्रमण और रोजाना लगने वाले जाम को लेकर स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर ऐसे संवेदनशील और जन-सरोकार से जुड़े मामले को प्रशासन गंभीरता से क्यों नहीं ले रहा है? क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है? स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि बरसात से पहले सड़क की मरम्मत कराई जाए और सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराकर जाम की समस्या से निजात दिलाई जाए।

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