का. अजीत सरकार अमर रहे

का. अजीत सरकार अमर रहे


जे टी न्यूज, बेतिया: का. अजीत सरकार की श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए बिहार राज्य किसान सभा के उपाध्यक्ष प्रभुराज नारायण राव ने बताया कि अजीत सरकार का जन्म पूर्णिया के एक प्रभावशाली बंगला भाषी परिवार में 23 नवंबर 1947 को हुआ था।उनके पिता का नाम जितेंद्र चंद्र सरकार तथा माता का नाम प्रीतिरानी सरकार था।वे उच्च विद्यालय कसवा से मैट्रिक, डी एस कॉलेज कटिहार से इंटर तथा छपरा महाविद्यालय से स्नातक किये।वे ब्रजमोहन ठाकुर विधि महाविद्यालय से कानून की डिग्री ली।
का. अजीत सरकार भूमि आंदोलन के प्रतीक थे। का. अजीत सरकार अपने राजनीति की शुरुआत एस एफ आई के नेतृत्व में छात्र आंदोलन से की थी ।उनका पूरा जीवन संघर्ष का जीवन रहा। उसके बाद वह किसान सभा में शामिल हुए और भूमिहीनों को जमीन दो के संघर्ष को पूर्णिया की धरती पर आगे बढ़ाया। उनके नेतृत्व में 10 हजार एकड़ से ज्यादा जमीन पर आंदोलन खड़ा हुआ। जलालगढ़, कसबा तथा पूर्णिया के गरीबों, आदिवासियों को जमीन दिलाने का काम किया। अजीत सरकार गरीबों के मसीहा के रूप में जाने जाते थे। 1980 में प्रथम बार भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के चुनाव चिन्ह पर पूर्णिया से विधानसभा चुनाव जीते।वे चार बार पूर्णिया से विधायक रहे। अजीत सरकार अब जन जन के नेता बन चुके थे। उनके एक आह्वान पर दसियों हजार लोग जमा हो जाते थे। उनको हरा पाना संभव नहीं देख पप्पू यादव जैसे अपराधियों ने पैसे खर्च करके उनकी हत्या करा दी। अजीत सरकार का संघर्षमयी जीवन इतिहास के पन्नों में हमेशा अमर रहेगा।


श्रद्धांजलि सभा को सीपीआईएम के जिला सचिव चाँदसी प्रसाद यादव,किसान सभा के जिला सचिव प्रकाश कुमार वर्मा,सीटू के राज्य कमिटी सदस्य नीरज बरनवाल ने संबोधित किया तथा जयनाथ प्रसाद, मनौव्वर अंसारी,बेचुराम,भिखारी यादव, म. गुड्डू,छोटेलाल प्रसाद, आस महमद आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

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