जिंदगी का साज
जिंदगी का साज

जे टी न्यूज
जिंदगी एक साज है, इसे प्यार से बजाइए,
हर ग़म को मुस्कान देकर, खुशियों के गीत गाइए।
कभी धूप है, कभी छांव है, यही इसका अंदाज़ है,
गिरकर फिर से संभल जाना, जिंदगी का राज़ है।
रिश्तों की मिठास से, हर पल को महकाइए,
नफरत की दीवारों को, प्रेम से मिटाइए।
वक्त की धुन पर चलकर, सपनों को सजाइए,
हौसलों के सुर छेड़कर, मंजिल तक पहुंच जाइए।
जिंदगी एक साज है, इसे दिल से निभाइए,
हर दिन को उत्सव समझकर, खुशियों से भर जाइए।
शांति देवी चौहान
देशनोक , बीकानेर, राजस्थान



