राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान समस्तीपुर के युवा पत्रकार रामजी कुमार का एसीजे के प्रतिष्ठित क्लाइमेट चेंज मेंटरशिप कार्यक्रम में चयन
राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान समस्तीपुर के युवा पत्रकार रामजी कुमार का एसीजे के प्रतिष्ठित क्लाइमेट चेंज मेंटरशिप कार्यक्रम में चयन

पूसा/समस्तीपुर।
समस्तीपुर जिले के पूसा प्रखंड अंतर्गत मलिकौर गांव के युवा पत्रकार रामजी कुमार का चयन देश के प्रतिष्ठित एशियन कॉलेज ऑफ जर्नलिज्म (एसीजे), चेन्नई के क्लाइमेट चेंज मेंटरशिप प्रोग्राम-2026 के दूसरे बैच के लिए हुआ है। जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण पत्रकारिता के क्षेत्र में यह देश सहित एशिया के सबसे प्रतिष्ठित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल माना जाता है। इस उपलब्धि से समस्तीपुर समेत पूरे बिहार के पर्यावरण सहित कृषि पत्रकारिता जगत में हर्ष का माहौल है।
एसीजे द्वारा जारी चयन-पत्र के अनुसार यह आठ माह का मेंटरशिप कार्यक्रम 13 जुलाई 2026 से 13 मार्च 2027 तक संचालित होगा। इसकी शुरुआत 13 से 24 जुलाई तक चेन्नई में आयोजित दो सप्ताह के आवासीय प्रशिक्षण शिविर से होगी। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जलवायु परिवर्तन, विज्ञान आधारित रिपोर्टिंग, डेटा जर्नलिज्म, मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग, समाधान-आधारित पत्रकारिता और फील्ड रिपोर्टिंग जैसे विषयों पर देश-विदेश के वरिष्ठ पत्रकारों, वैज्ञानिकों और विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा।
कार्यक्रम के तहत चयनित प्रतिभागियों को स्टाइपेंड दिया जाएगा। साथ ही रिपोर्टिंग एवं स्टोरी प्रोडक्शन से जुड़े खर्च की प्रतिपूर्ति तथा प्रशिक्षण अवधि के दौरान यात्रा, आवास और भोजन का पूरा खर्च संस्थान द्वारा वहन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम इंटरलिंक अकादमी, जर्मनी के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। रामजी कुमार पिछले कई वर्षों से बिहार में कृषि, जलवायु परिवर्तन, किसानों की समस्याओं, प्राकृतिक संसाधनों, ग्रामीण विकास और पर्यावरणीय चुनौतियों पर लगातार जमीनी रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उनकी कई खोजपरक और समाधान-आधारित रिपोर्टों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिल चुकी है। हाल ही में उनका चयन आईआईटी कानपुर के जस्ट ट्रांजिशन रिसर्च फेलोशिप 2025 के लिए भी हुआ था। इसके अलावा वे एग्रीकल्चर जर्नलिस्ट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (AJAI), के बिहार राज्य के कार्यकारी सचिव के रूप में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
इस चयन के बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ काम करने, जलवायु विज्ञान की गहन समझ विकसित करने तथा बिहार के कृषि और पर्यावरण से जुड़े जमीनी मुद्दों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंच तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अवसर मिलेगा।
एशियन कॉलेज ऑफ जर्नलिज्म का क्लाइमेट चेंज मीडिया हब तथ्यपरक, वैज्ञानिक और समाधान-आधारित जलवायु पत्रकारिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस मेंटरशिप कार्यक्रम का संचालन करता है। देशभर से सीमित संख्या में केवल 15 पत्रकारों का चयन इस उपलब्धि का महत्व और बढ़ देता है।
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मुख्य बातें
समस्तीपुर के युवा पत्रकार रामजी कुमार का राष्ट्रीय स्तर पर चयन।
एशियन कॉलेज ऑफ जर्नलिज्म (चेन्नई) के क्लाइमेट चेंज मेंटरशिप प्रोग्राम-2026 में मिली जगह।
13 जुलाई 2026 से 13 मार्च 2027 तक आठ माह का प्रतिष्ठित प्रशिक्षण कार्यक्रम।
जलवायु परिवर्तन, डेटा जर्नलिज्म, विज्ञान आधारित रिपोर्टिंग और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग का विशेष प्रशिक्षण।
आईआईटी कानपुर की जस्ट ट्रांजिशन रिसर्च फेलोशिप के बाद एक और राष्ट्रीय उपलब्धि।
बिहार के पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और कृषि संबंधी मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने का मिलेगा अवसर।

