बिहार बंद के समर्थन में सहरसा रहा बंद, छात्र-युवाओं ने निकाला विशाल आक्रोश मार्च
शिक्षा मंत्री के इस्तीफा की मांग, पेपर लिक छात्रों पर लाठीचार्ज, पुलिसि या दमन के खिलाफ सड़क पर उतरे हजारों छात्र-युवा
बिहार बंद के समर्थन में सहरसा रहा बंद, छात्र-युवाओं ने निकाला विशाल आक्रोश मार्च
शिक्षा मंत्री के इस्तीफा की मांग, पेपर लिक छात्रों पर लाठीचार्ज, पुलिसि या दमन के खिलाफ सड़क पर उतरे हजारों छात्र-युवा

जे टी न्युज,
सहरसा:- शनिवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, पेपर लीक के विरोध में आंदोलनरत छात्र-छात्राओं पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज, फ़ायरिंग, गिरफ्तारी और बर्बर दमन के खिलाफ बिहार बंद के समर्थन में सहरसा में हजारों छात्र-युवाओं ने विशाल आक्रोश मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया बिहार बंद के समर्थन में एआईएसएफ, एसएफआई, डीवाईएफआई, आइसा आरवाई आईआईपी, भीम आर्मी, छात्र राजद, के छात्र युवा के अलावा सहित हजारों की संख्या में छात्र-युवा शामिल हुए बिहार बंद का नेतृत्व आरवाईए के राष्ट्रीय परिषद सदस्य कुंदन यादव, डीवाईएफआई राज्य सचिव मंडल सदस्य कुलानंद यादव, एआईएसएफ राज्य नेता शंकर कुमार, एसएफआई नेता रेहान खां रिंकू,आइसा जिलाध्यक्ष आशीष आनंद, कमलेश यादव, गौरव आजाद ने किया बिहार बंद के समर्थन में सीपीएम राज्य सचिव मंडल सदस्य सह सहरसा जिला सचिव रणधीर यादव, राजद वरिष्ठ नेता रंजीत यादव, भाकपा माले जिला सचिव ललन यादव, डिप्टी मेयर गुड्डू हयात, आईआईपी जिलाध्यक्ष विद्या शर्मा, पार्षद प्रतिनिधि ताबिश मेहर, डीवाईएफआई के मनोज शर्मा, दिलीप शर्मा,मो मुर्शीद आलम, आफताब आलम उर्फ आबरू, रामप्रवेश यादव,मो आमीर खां,एसएफआई नेता राहुल कुमार सोनू कुमारी,मुखिया प्रतिनिधि सरोज यादव, टुनटुन शर्मा, डॉ. धनोज कुमार भी शामिल हुए थाना चौक पर हजारों की संख्या में छात्र-युवाओं एकत्र होकर घूम-घूम कर सरकार के विरोध में नारेबाजी करते रहे छात्रों का हुजूम जब निकल पड़े समाहरणालय घेरने दोपहर लगभग 12 बजे छात्रों का हुजूम थाना चौक से निकले लेकिन रास्ते में अम्बेडकर चौक के निकट पुलिस ने बेरीकेडिंग लगाकर छात्रों को रोक दिया सहरसा जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने प्रदर्शनकारियों से मिलने अम्बेडकर चौक पर पहुंचें। नेताओं ने कहा कि दिल्ली के जंतर मंतर और बिहार में राजभवन मार्च सहित विभिन्न जिलों में छात्र-युवाओं पर बर्बर पुलिसिया दमन, लाठीचार्ज कर आवाज को
दबाना लोकतांत्रिक अधिकारों व लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है. सरकार पेपर लिक रोकने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, मंत्री के इस्तीफा के बदले क्रूर तानाशाही पर उतर आई है आरवाईए नेता कुन्दन यादव ने कहा माले विधायक संदीप सौरव सहित कई छात्र नेताओं को गिरफ्तार कर लिया है जो कानून के शासन और नागरिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक जैसी गंभीर घटनाओं ने लाखों मेहनतकश और मध्यमवर्गीय परिवारों के छात्रों के भविष्य को अनिश्चितता में डाल दिया है वर्षों की कठिन मेहनत, आर्थिक कठिनाइयों और मानसिक दबाव के बाद परीक्षा देने वाले छात्रों के साथ यह बहुत बड़ा अन्याय है. स्वाभाविक है कि छात्र अपने भविष्य की सुरक्षा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सड़कों पर उतर रहे है

उनकी इस लोकतांत्रिक आवाज़ को लाठी और गोलियों से दबाने की कोशिश सरकार की असफलता को ही उजागर कर रही है परीक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार, लापरवाही और पेपर माफिया के गठजोड़ पर कठोर कार्रवाई किए बिना ऐसी घटनाओं पर रोक नहीं लग सकता डीवाएफआई के कुलानंद यादव ने कहा कि सरकार दमन का रास्ता छोड़कर छात्रों की बात सुने, सभी गिरफ्तार आंदोलनकारियों को तत्काल रिहा करे, फर्जी मुकदमे वापस ले, पुलिस दमन की निष्पक्ष जांच कराए तथा पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करे. सरकार धर्मेंद्र प्रधान को अविलंब हटाए। यही लोकतंत्र और छात्रों के भविष्य के हित में होगा एआईएसएफ के राज्य नेता शंकर कुमार ने कहा कि मोदी सरकार पुलिस से सहारे छात्र-युवाओं के ऊपर दमन कर रही है उन्होंने शिक्षा मंत्री से तत्काल इस्तीफा देने और आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज झूठा मुकदमा वापस लेने की मांग की।


