एक पखवारे बाद सीतामढी समाहरणालय पर विशाल धरना-प्रदर्शन
हर पखवारे सीतापुरम क्षेत्र मे आन्दोलन होंगे।
एक पखवारे बाद सीतामढी समाहरणालय पर विशाल धरना-प्रदर्शन
हर पखवारे सीतापुरम क्षेत्र मे आन्दोलन होंगे।

जे टी न्यूज, सीतामढ़ी: अगस्त क्रांति दिवस की 84वीं वर्षगांठ पर आन्दोलन की धरती पुनौरा से किसानों तथा मजदूरों ने संघर्ष के अगले चरण का बिगुल फूंका।
जान दे देंगे-जमीन नही देंगे।अंग्रेजों भारत छोडो आन्दोलन के तर्ज पर ‘करो या मरो’ कारपोरेट जमीन छोडो।
बिहार सरकार सेटेलाईट सीतापुरम प्रोजेक्ट को वापस लो के लिए आन्दोलन तेज करेंगे।
भूमि बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले महापंचायत हुई जिसकी अध्यक्षता भूमि बचाओ संघर्ष समिति के संरक्षक बैधनाथ हाथी तथा संयोजक संतोष कुमार की अध्यक्ष मंडली ने की तथा मंच संचालन किशोरी हाथी ने की।
विषय प्रवेश कराते हुए प्रो आनन्द किशोर ने कहा कि तीन माह से सेटेलाईट सीतापुरम प्रोजेक्ट वापस लेने के सवाल पर संघर्षरत किसानों से बिना बात किए,वगैर मांगें लैंड पुलिंग लाकर 45% जमीन छीनकर संपति के संवैधानिक अधिकारों (अनुच्छेद 300(क))से वंचित कर लैंड लाॅक करना बिहार सरकार का लोकतंत्र पर सीधा हमला है।डा.किशोर ने बिहार शहरी आयोजना तथा विकास विधेयक2012तथा 2025 के कारपोरेटपक्षी तथा किसान विरोधी नियमावली पर भी प्रकाश डाला।
संयुक्त किसान मोर्चा,बिहार के संयोजक अशोक प्रसाद सिंह ने कहा कि लैंड पुलिंग तथा भूमि अधिग्रहण कारपोरेट हित में किसानों की भूमि लूट योजना है। मोर्चा बडी लड़ाई की तैयारी कर रही है।किसानों को संघर्ष के लिए तैयार रहना होगा तो इस संघर्ष को पटना तथा दिल्ली में भी लडा जायगा,हम लडेगेंऔर जीतेंगे।हमे दिल्ली किसान आन्दोलन की तरह संकल्प लेना होगा।
महापंचायत में पटना,फतुहा, पुनपुन,सोनपुर,हरदिया,
दीदारगंज सेटेलाईट आन्दोलन के डेढ दर्जन साथियों ने पंचायत में अपना विचार रखा।
जमीन बचाओ संघर्ष मोर्चा,पटना के अध्यक्ष देव कुमार सिंह ने कहा कि किसानों को जब विधान सभाऔर न्यायालय न्याय नही दे सकती तो उसके रहने का क्या मतलब है हम उसके खिलाफ आन्दोलन करेंगे।
मनीष कुमार ने कहा कि सभी सेटेलाईट प्रोजेक्ट के साथी अब पटना में भारी जुटान कर सी एम का घेराव करने का निर्णय लेंगे।सोनपुर के नीतेश कृष्णा ने राज्य स्तर पर समन्वय समिति बनाकर सभी 12सेटेलाईट क्षेत्र में एकजूट आन्दोलन का निर्णय लेने का प्रस्ताव रखा।
रीगा प्रमुख लक्ष्मी प्रसाद यादव ने सेटेलाईट सीतापुरम प्रोजेक्ट वापसी के हर संघर्ष को समर्थन देने तथा आमजन से इस संघर्ष को मजबूत करने की अपील की।
किसान सभा के सचिव जयप्रकाश राय ने समाहरणालय पर किसानों का भारी जुटान कर मजबूत आन्दोलन करने का प्रस्ताव रखा।
रामसागर ठाकुर ने आत्मदाह करने की चेतावनी दी।जलंधर यदुबंशी ने कहा किसानों के विरोधके बावजूद सरकार टाउनशिप का विस्तार कर किसानो के विद्रोहके लिए मजबूर कर रही है।
संयोजक संतोष कुमार सिंह ने टाउनशिप के संघर्ष को तेज करने का संकल्प व्यक्त किया।

पटना से आये धर्मेन्द्र सिंह,पंकज सिंह,धनंजय मधु जी,मनोज कुमार सिंह,पवन कुमार सिंह, ओमप्रकाश मिश्र ,रामायण सर,गुलशन कुमार,नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष मनोज कुमार, वरिष्ठ वामपंथी नेता उमाशंकर सिंह, ईफ्तखार अहमद,नगर उप आयुक्त आशुतोष कुमार, दिनेशचन्द्र द्विवेदी,प्रगतिशील किसान संघ के सत्यनारायण सिंह,धीरज कुमार सिंह,अनवर हुसैन,नवीन कुमार सिंह,अमरेन्द्र राय, शंभूकुमार यादव,चन्द्रदेव मंडल सहित अन्य किसान नेताओ ने अपना विचार रखा तथा सेटेलाइट सीतापुरम प्रोजेक्ट वापस होने तक आन्दोलन जारी रखने की अपील की।

पंचायत मे सर्व सम्मति से प्रस्ताव कर एक पखवारे के बाद समाहरणालय पर धरना-प्रदर्शन करने,जनप्रतिनिधियो के गांव प्रवेश पर विरोध करने,हर पखवारे आन्दोलन का एक कार्यक्रम लेने,उंच्च न्यायालय मे मजबूती से मामला लडने, सीतापुरम से जुडे गांवों मे किसान पंचायत करने,प्रदेश के सभी सेटेलाईट प्रोजेक्ट आन्दोलन के साथ समन्वय कर आन्दोलन तेज करने का प्रस्ताव पास किया गया।अध्यक्ष बैधनाथ हाथी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।



