अखिल भारतीय किसान सभा ने किसानों से 10 अगस्त को बड़े पैमाने पर जेल भरो आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया
अखिल भारतीय किसान सभा ने किसानों से 10 अगस्त को बड़े पैमाने पर जेल भरो आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया

जे टी न्यूज, बेतिया: अखिल भारतीय किसान सभा के केन्द्रीय किसान कमिटी के सदस्य प्रभुराज नारायण राव ने किसानों से आह्वान किया है कि वे मोदी सरकार द्वारा कामकाजी लोगों पर थोपी गई किसान-विरोधी और मज़दूर-विरोधी नीतियों के खिलाफ 10 अगस्त को ‘जेल भरो’, ‘रास्ता रोको’, ‘रेल रोको आंदोलन में भारी संख्या में शामिल हों।
10 अगस्त का जेल भरो आंदोलन पूरे देश के मेहनतकश लोगों के बीच मज़दूर-किसान एकता का एक मज़बूत संदेश देगा। यह आंदोलन कॉर्पोरेट-पूंजीवादी ताकतों द्वारा किसानों और मज़दूरों के बेरहम शोषण के ख़िलाफ़ होगा, जिसमें किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य और मज़दूरों व खेतिहर मज़दूरों को सम्मानजनक जीवन के लिए न्यूनतम मज़दूरी नहीं दी जा रही है।

यह जेल भरो आंदोलन कॉर्पोरेट भारत छोड़ो,फ्री ट्रेड एग्रीमेंट रद्द करो, कॉर्पोरेट को खेती से बाहर करो, सभी फसलों के लिए एम एस पी सी2+50% और गारंटीशुदा खरीद का कानून बनाओ, मनरेगा को बहाल करना, खेतिहर मज़दूरों को 200 दिन का काम और 700 रुपये मज़दूरी देना, कर्ज़ माफ़ी की घोषणा करना और आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों को 25 लाख रुपये का मुआवज़ा देना, 4 लेबर कोड (श्रम कानूनों) को रद्द करना, सभी मज़दूरों को कम से कम 42,000 रुपये मज़दूरी देना, संघीय अधिकारों की रक्षा करना और राज्यों को मिलने वाले डिविज़िबल पूल (बांटे जाने वाले राजस्व) के हिस्से को मौजूदा 31% से बढ़ाकर 50% करना , बिजली का निजीकरण न करना, प्री-पेड स्मार्ट मीटर वापस लेने और सीड बिल 2025 को वापस लेने आदि मांगें हैं।


