बी.एस.यू.एस.सी. द्वारा अनुशंसित सहायक प्रोफेसर (संविदा आधार) पदों हेतु दस्तावेज़ सत्यापन एवं काउंसलिंग-कम-ओरिएंटेशन कार्यक्रम सम्पन्न
बी.एस.यू.एस.सी. द्वारा अनुशंसित सहायक प्रोफेसर (संविदा आधार) पदों हेतु दस्तावेज़ सत्यापन एवं काउंसलिंग-कम-ओरिएंटेशन कार्यक्रम सम्पन्न

जे टी न्यूज़, दरभंगा : विश्वविद्यालय परिसर में स्थित जुबली हॉल बी.एस.यू.एस.सी., पटना द्वारा अनुशंसित सहायक प्रोफेसर (संविदा आधार) पदों के अभ्यर्थियों के दस्तावेज़ों का सत्यापन कार्य सम्पन्न हुआ। इसी क्रम में एक काउंसलिंग-कम-ओरिएंटेशन कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें अभ्यर्थियों को उनके भावी दायित्वों एवं कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। ओरिएंटेशन कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी कुलसचिव सह डीएसडब्ल्यू प्रो. अशोक कुमार मेहता ने की। मंच पर आईक्यूएसी निदेशक डॉ. ज़िया हैदर, डीआर-2 डॉ. कुमार मनीष, पेंशन पदाधिकारी डॉ. अताउर रहमान एवं प्रेस प्रभारी डॉ. दिवेश कुमार शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. प्रियंका राय ने किया।
इस अवसर पर माननीय कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी ने सत्यापन प्रक्रिया का निरीक्षण किया और संपूर्ण व्यवस्था का जायज़ा लिया। तत्पश्चात आयोजित काउंसलिंग-कम-ओरिएंटेशन कार्यक्रम में उनका शुभकामना संदेश प्रभारी कुलसचिव सह डीएसडब्ल्यू प्रो. अशोक कुमार मेहता द्वारा पढ़कर सुनाया गया। अपने संदेश में कुलपति महोदय ने इसे विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षकों की नियुक्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए सभी अभ्यर्थियों को उनके भावी शैक्षणिक जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं तथा प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ सम्पन्न कराने पर बल दिया। प्रभारी कुलसचिव सह डीएसडब्ल्यू प्रो. अशोक कुमार मेहता ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस संपूर्ण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं अभ्यर्थी-हितैषी ढंग से सम्पन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अभ्यर्थियों को उनके नवीन दायित्वों, कार्यशैली एवं विश्वविद्यालय की अपेक्षाओं से अवगत कराते हुए आश्वस्त किया कि नवनियुक्त शिक्षकों को विश्वविद्यालय की ओर से हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि वे अपनी भूमिका का सफलतापूर्वक निर्वहन कर सकें। आईक्यूएसी निदेशक डॉ. ज़िया हैदर ने विश्वविद्यालय की गौरवशाली शैक्षणिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि नव-नियुक्त शिक्षक इस परंपरा को आगे बढ़ाने में Girlfriends भूमिका निभाएंगे। डीआर-2 डॉ. कुमार मनीष ने इसे राज्य के नवसृजित डिग्री कॉलेजों में शैक्षणिक सुदृढ़ता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। पेंशन पदाधिकारी डॉ. अताउर रहमान ने अभ्यर्थियों को अध्यापन के साथ-साथ संस्थागत विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा व्यक्त की। वहीं प्रेस प्रभारी डॉ. दिवेश कुमार शर्मा ने कहा कि इस पहल से विद्यार्थियों को उनके निकटतम महाविद्यालयों में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी ।सत्यापन हेतु अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, हिन्दी, इतिहास, राजनीति विज्ञान एवं समाजशास्त्र विषयों के कुल 356 अभ्यर्थी निर्धारित थे, जिनमें से 323 अभ्यर्थी उपस्थित हुए, जबकि 33 अभ्यर्थी अनुपस्थित पाए गए; विषयवार उपस्थिति में अर्थशास्त्र में 58 में से 52 उपस्थित एवं 06 अनुपस्थित, अंग्रेजी में 58 में से 51 उपस्थित एवं 07 अनुपस्थित, हिन्दी में 60 में से 56 उपस्थित एवं 04 अनुपस्थित, इतिहास में 60 में से 58 उपस्थित एवं 02 अनुपस्थित, राजनीति विज्ञान में 60 में से 53 उपस्थित एवं 07 अनुपस्थित तथा समाजशास्त्र में 60 में से 53 उपस्थित एवं 07 अनुपस्थित रहे।

इस अवसर पर हिन्दी विषय के अभ्यर्थी प्रियांशु कुमार ने सभी अभ्यर्थियों की ओर से सफलतापूर्वक आयोजित दस्तावेज़ सत्यापन सह ओरिएंटेशन कार्यक्रम के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया तथा कार्यक्रम की सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी व्यवस्था की सराहना की। मंच संचालन डॉ॰ प्रियंका राय ने किया।कार्यक्रम पूर्णतः शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित वातावरण में सम्पन्न हुआ।



