यूरिया,डी,ए,पी,खाद में मनमानी लूट के खिलाफ किसान सभा एवं माकपा ने किया प्रखंड कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन
बी,डी,ओ,को सौंपा ज्ञापन, त्वरित कार्रवाई नहीं हुआ तो 26 सितंबर से बड़ा आन्दोलन का निर्णय अन्नदाता किसानों से यूरिया,डी,ए,पी,खाद में मनमानी मुल्य वृद्धि व संकट पर रोक लगाए सरकार - सुफल महतो
यूरिया,डी,ए,पी,खाद में मनमानी लूट के खिलाफ किसान सभा एवं माकपा ने किया प्रखंड कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन
बी,डी,ओ,को सौंपा ज्ञापन, त्वरित कार्रवाई नहीं हुआ तो 26 सितंबर से बड़ा आन्दोलन का निर्णय
अन्नदाता किसानों से यूरिया,डी,ए,पी,खाद में मनमानी मुल्य वृद्धि व संकट पर रोक लगाए सरकार – सुफल महतो

जे टी न्यूज, झारखंड: यूरिया 266 रू प्रति बोरा के बजाय 400 से 500 रू प्रति बोरा तथा डी,ए,पी ,खाद 1350 रु प्रति बोरा के बजाय 22 रू प्रति बोरा तथा मनमानी दर पर किटनाशक अन्नदाता किसानों को बेचे जाने केखिलाफ झारखंड राज्य किसान सभा एवं माकपा द्वारा सोनाहातु प्रखंड कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन कर प्रखंड विकास पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया, ज्ञापन में यूरिया, डी,ए,पी में मनमानी लूट के अलावे कोकरो एवं कांची नहर का पानी किसानों के खेत में छोड़ने, प्रखंड में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाने, हाथियों के आतंक से किसानों को निजात दिलाने,वन विभाग द्वारा निमडीह ग्रामीणो को रास्ता रोकने पर रोक लगाने, मनरेगा में 200 दिन काम एवं 700 रू मज़दूरी देने,आनलाईन जमीन गड़बड़ी पर रोक लगाने,सर्वाधिक महंगाई, बेरोजगारी,नीजिकरण पर रोक लगाने आदि मांगपत्र प्रखंड विकास पदाधिकारी को ज्ञापन सौंप कर शीघ्र हस्तक्षेप करने का मांग किया गया।
मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए झारखंड राज्य किसान सभा के महासचिव सुफल महतो ने कहा झारखंड और देश के लिए भात – रोटी,सब्जी-दाल,मांस – मछली ,फल पैदा करने वाले अन्नदाता किसान मनमानी व ऊंचे पर यूरिया,डी,ए,पी, किटनाशक खरीदने के लिए मजबूर हैं,266 रू का यूरिया 400- 500 रू में तथा 1350 रू का डी,ए,पी,2200 रू 24 00 रू में किसानों को बेचा जा रहा है,कोकरो एवं कांची नहर का पानी अभी तक किसानों के खेत के लिए नहीं छोड़ा गया है, प्रखंड में भ्रष्टाचार व्याप्त है।इस पर सरकार, प्रशासन, जनप्रतिनिधि मुकदर्शक बने हुए हैं,इस पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुआ तो 26 सितंबर से बड़ा आन्दोलन का आव्हान किया गया। इस अवसर पर राज्य किसान कौंसिल सदस्य उमेश महतो, जिला किसान कोंसिल सदस्य घुरन पातर,बसंत मुंडा, हरिश्चंद्र प्रमाणिक, रामप्रसाद पातर, हृदय नाथ सिंह मुंडा, कलेश्वर मुंडा, जगन्नाथ मुंडा, राजेंद्र सिंह मुंडा, सुनील महतो,जीतवाहन महतो उपेन्द्र मुंडा,मनिया महतो,जीतू महतो, महादेव कोइरी, विशेश्वर बड़ाईक, उपेन्द्र बडाईक, महेश्वर महतो,जीतन महतो,डोमन सिंह मुंडा, धर्मेश्वर महतो, बुद्धेश्वर महतो सुखदेव महतो विशेश्वर महतो,महरू महतो, शोभाराम पातर, बिरसा महतो। सहित काफी संख्या में किसान उपस्थित थे।

यूरिया – डी,ए,पी,खाद लूट बंद करो,कोकरो – कांची नहर में किसानों के लिए पानी छोड़ो, प्रखंड में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाओ, हाथियों के आतंक से किसानों को निजात दिलाओ, आनलाईन जमीन गड़बड़ी का सुधार करो, सर्वाधिक महंगाई, बेरोजगारी, नीजिकरण नहीं चलेगा , मनरेगा में 200 दिन काम 700 रू मज़दूरी दो आदि नारे लग रहे थे।
