ई-वेस्ट कलेक्शन ड्राइव से पर्यावरणीय चेतना का संदेश, सह-पाठ्यचर्या समिति ने कराया जागरूकता कार्यक्रम
ई-वेस्ट कलेक्शन ड्राइव से पर्यावरणीय चेतना का संदेश, सह-पाठ्यचर्या समिति ने कराया जागरूकता कार्यक्रम
जे टी न्यूज, बिरसिंहपुर:
संत पॉल टीचर्स’ ट्रेनिंग कॉलेज, बिरसिंहपुर के स्वायत्त एवं नैक बी प्लस प्लस मान्यता प्राप्त संस्थान में सह-पाठ्यचर्या समिति के तत्वावधान में ‘ई-वेस्ट कलेक्शन ड्राइव एवं ई-अपशिष्ट जागरूकता व्याख्यान’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षुओं में ई-कचरे के उचित संग्रहण, पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण तथा पर्यावरणीय उत्तरदायित्व के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा। कार्यक्रम का संदेश था- “ग्रीनर कल के लिए आज इकट्ठा करें”।
कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज परिसद में ई-वेस्ट कलेक्शन ड्राइव से हुई। इसके बाद पी.पी.एन. सिंह ऑडिटोरियम में ई-वेस्ट प्रबंधन पर जागरूकता व्याख्यान आयोजित किया गया। इस दौरान प्रशिक्षुओं को “ई-कचरा कम करें, संसाधनों का पुन: उपयोग करें और बेहतर पर्यावरण के लिए रीसायकल करें” के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक कचरे के वैज्ञानिक एवं जिम्मेदार प्रबंधन की जानकारी दी गई। भारत में ई-वेस्ट प्रबंधन वर्तमान में ई-अपशिष्ट (प्रबंधन) नियम, 2022 के अंतर्गत विनियमित है, जिसका उद्देश्य मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण को ई-कचरे के प्रतिकूल प्रभावों से सुरक्षित रखना है।
कार्यक्रम के सूत्रधार की जिम्मेदारी में प्रशिक्षु श्री मणिकांत एवं श्रीमती शैलवी सान्या को दी गई। श्री श्याम किशोर सिंह तथा एस.एम. तहसीन आलम क़ादरी ने भी ई-कचरे के बढ़ते प्रभाव और उसके उचित प्रबंधन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य सहायक प्राध्यापक श्री मनोज कुमार सहित सहायक प्राध्यापकगण एवं प्रशिक्षु उपस्थित रहे। प्रभारी प्राचार्य श्री कुमार ने कहा कि “शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि उस ज्ञान को व्यवहार में उतारकर जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है। ई-वेस्ट प्रबंधन जैसे समसामयिक विषयों को शिक्षक-प्रशिक्षण से जोड़ने से भावी शिक्षकों में पर्यावरणीय संवेदनशीलता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास होता है।”
उन्होंने कहा कि भावी शिक्षक विद्यालयों में विद्यार्थियों को कम उपयोग, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण की संस्कृति अपनाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। इस प्रकार शिक्षक-शिक्षा को पर्यावरणीय शिक्षा एवं सतत विकास के लक्ष्यों से जोड़ना वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
कार्यक्रम के समापन पर प्रभारी प्राचार्य श्री मनोज कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया तथा राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
यह आयोजन इस दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा कि प्रशिक्षुओं ने ई-कचरे को केवल ‘कचरा’ न मानकर उसके सुरक्षित प्रबंधन को पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार नागरिकता से जोड़कर समझा।



