टूटे सपनों के बाद फिर उम्मीद जगाना ही जिंदगी है : बिमल सर्राफ

टूटे सपनों के बाद फिर उम्मीद जगाना ही जिंदगी है : बिमल सर्राफ

जे टी न्यूज , रक्सौल, पूर्वी चंपारण:
जिंदगी का अर्थ केवल अमीर, लोकप्रिय या परिपूर्ण बनना नहीं है। जिंदगी का असली अर्थ है—वास्तविक बने रहना, विनम्र होना, दयालु होना और विपरीत परिस्थितियों में भी उम्मीद न छोड़ना। एक सपना टूट जाने के बाद फिर नया सपना देखने का साहस ही जिंदगी की असली पहचान है।

सबकी घड़ी में समय एक जैसा होता है, लेकिन हर व्यक्ति का समय अलग-अलग होता है। इसलिए असफलता से घबराने के बजाय उससे सीखना चाहिए। असफल होने पर साहस बनाए रखें और सफलता मिलने पर विनम्र रहें। परिस्थितियां हमेशा हमारे अनुसार नहीं बदलतीं, लेकिन उन्हें देखने और स्वीकार करने का नजरिया बदल जाए तो जीवन जरूर बदल सकता है।

जीवन के कुछ अध्याय बंद करना दर्दनाक होता है, लेकिन कई बार वही निर्णय भविष्य की नई शुरुआत बन जाते हैं। असली ताकत शरीर की मांसपेशियों में नहीं, बल्कि मजबूत सोच और शांत मन में होती है। इसलिए शरीर के साथ अपनी सोच को भी मजबूत बनाना जरूरी है।

जीवन में संतुलन और सामंजस्य का भी विशेष महत्व है। तन का भार बढ़े तो व्यायाम, मन का बोझ बढ़े तो ध्यान और धन बढ़े तो दान करना चाहिए। जब मन व्यवस्थित होता है, तभी जीवन में वास्तविक शांति आती है।

दुनिया में मनुष्य को सबसे अधिक आकर्षित करने वाली शक्ति उसका प्रेम, व्यवहार और संवेदनशीलता है। अच्छी यादें जीवन को समृद्ध करती हैं, लेकिन हर बात को पकड़े रहना मन को बेचैन भी कर सकता है। इसलिए बीते समय को स्वीकार कर वर्तमान में जीना सीखना चाहिए

समय का स्वभाव गुजर जाना है। बुरा समय हो तो धैर्य रखें और अच्छा समय हो तो ईश्वर का धन्यवाद करें। जिंदगी की खूबसूरती यही है कि राख में दबी चिंगारी की तरह उम्मीद हमेशा जीवित रहती है। दर्द के बीच से जन्मी मुस्कान और टूटने के बाद फिर खड़े होने का साहस ही जीवन की सबसे सुंदर कहानी है।उक्त विचार लायंस क्लब इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 322ई जोन 41 के जोन चेयरपर्सन सह डिस्ट्रिक्ट चेयरपर्सन एवं भारत विकास परिषद् ,रक्सौल के सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी सह सामाजिक कार्यकर्ता बिमल सर्राफ ने प्रेस से साझा किया।

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