खेत मे जहर डालकर उजाड़ दी किसान की मेहनत 41 डिसमिल धान की फसल बर्बाद,चार लोगों पर मुकदमे की मांग

खेत मे जहर डालकर उजाड़ दी किसान की मेहनत 41 डिसमिल धान की फसल बर्बाद,चार लोगों पर मुकदमे की मांग

पुश्तैनी जमीन पर खड़ी धान की फसल जलकर हुई नष्ट,पीड़ित ने करगहर थाने में दिया आवेदन
करगहर(रोहतास)एन बाबा : करगहर थाना क्षेत्र के करगहर गांव में पुश्तैनी जमीन पर लगी धान की फसल को कथित तौर पर रासायनिक पदार्थ का छिड़काव कर बर्बाद करने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना में करीब 41 डिसमिल जमीन पर लगी धान की फसल नष्ट होने का आरोप लगाया गया है। मामले को लेकर पीड़ित राधारमण पांडेय ने करगहर थाने में लिखित आवेदन देकर चार लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और दोषियों पर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित के आवेदन के अनुसार, करगहर मौजा स्थित खाता संख्या 418, प्लॉट संख्या 1144 एवं रकबा 41 डिसमिल जमीन उनकी पुश्तैनी संपत्ति है। उक्त जमीन पर धान की फसल लगी हुई थी। आरोप है कि 4 नवंबर 2026 को दोपहर करीब दो बजे जब वह अपने खेत पर पहुंचे,तो कुछ लोग खेत में रासायनिक पदार्थ का छिड़काव कर रहे थे। विरोध करने पर कथित रूप से धान की फसल जलकर खराब हो गई।
*विरोध करने पर गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप*
आवेदन में पारसनाथ साह,श्रीराम साह, जयकिशोर साह और पप्पू लाल साह को आरोपित किया गया है। राधारमण पांडेय का आरोप है कि जब उन्होंने खेत में रासायनिक पदार्थ के छिड़काव का विरोध किया और ऐसा नहीं करने को कहा, तो आरोपितों ने उनके साथ विवाद शुरू कर दिया। इस दौरान गाली-गलौज करने और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित का कहना है कि उनकी मेहनत से तैयार हो रही धान की फसल को नुकसान पहुंचाया गया है,जिससे उन्हें आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।


*थानाध्यक्ष बोले- आवेदन के आलोक में हो रही जांच*
इस संबंध में करगहर थानाध्यक्ष रामचंद्र चौपाल ने बताया कि पीड़ित के आवेदन के आलोक में पुलिस मामले की जांच-पड़ताल कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कड़वा सत्य अब पुलिस जांच पर टिकी निगाहें हैं कि आखिर 41 डिसमिल खेत में लगी धान की फसल कैसे बर्बाद हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

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