बेख़ौफ़ अपराधियों ने हरसिद्धि के आरटीआई कार्यकर्ता की गोली मारकर कर दी निर्मम हत्या।

जे टी न्यूज़, हरसिद्धि पूर्वी चंपारण
डी एन कुशवाहा

स्थानीय प्रखंड परिसर में गोलियों की तड़तड़ाहट से शुक्रवार को थर्राया हरसिद्धि प्रखंड शुक्रवार को पूर्वाहन 11:45 बजे दो बाइकों पर सवार होकर आए चार अपराधियों ने अचानक हरसिद्धि प्रखंड के गेट पर अंधाधुंध फायरिंग कर आरटीआई कार्यकर्ता बिपिन अग्रवाल को जख्मी कर दिया। गोली लगते ही बिपिन अग्रवाल अचेतावस्था में चले गए। जिसकी सूचना पर आई हरसिद्धि पुलिस ने जख्मी बिपिन अग्रवाल को लेकर सदर हॉस्पिटल गई जहां के चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। विदित हो कि हरसिद्धि थाना क्षेत्र में अपराध व अपराधियों के गोलियों की तड़तड़ाहट थमने का नाम नही ले रहा है। यहां अपराधी रोजाना किसी न किसी बड़ी घटना को अंजाम दे रहे हैं और पुलिस मूकदर्शक बनी तमाशा देख रही है । यह समस्या सिर्फ हरसिद्धि में ही उत्पन्न नहीं हुई है बल्कि जिले भर में अपराधियों के मन में अब पुलिस का कोई खौफ नही रह गया है। इसी का नतीजा है कि आज शुक्रवार को फिर अज्ञात अपराधियों ने दिनदहाड़े आरटीआई कार्यकर्ता बिपिन अग्रवाल की गोली मार नृसंश हत्या कर दी, वो भी प्रखंड कार्यालय के गेट पर, जहां सैकड़ो लोगों की भीड़ हमेशा रहती है। और वहां कई अधिकारीयों व पुलिस पदाधिकारियों का हमेशा आना जाना लगा रहता है। उक्त घटना हरसिद्धि थाना के नाक के नीचे घटी है कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। क्योंकि हरसिद्धि थाना से घटनास्थल की दूरी महज 500 मीटर की है। जहां अपराधियो ने इस बड़ी घटना को अंजाम दिया है ।


घटना के संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक पूरे प्रखंड क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। जितनी मुंह उतनी बातें हो रही हैं। उसमें कुछ लोग इसे एक राजनीतिक हत्या करार दे रहे हैं तो कुछ भू माफियाओं की हाथ होने की बात कह रहे हैं। क्योंकि अभी हाल ही में हरसिद्धि बाजार से अतिक्रमण हटाया गया था, जिसमें बहुत सारे लोगों का बिल्डिंग भी तोड़ा गया था। इसके अलावा भी कई तरह की आशंका जताई जा रही है। चुकी बिपिन अग्रवाल एक आरटीआई कार्यकर्ता थे और उसने कई सफेदपोशों सहित कई अधिकारियों के भ्रस्टाचार की पोल खोली थी और इनदिनों भी कोई बड़ा खुलासा करने वाले थे। जिसके कारण अपने रास्ते का कांटा हटाने की नियत से उनकी हत्या कर दी गयी है । घटना के बाद एक ओर जहां पुलिस के हांथ-पांव फूल रहे हैं, वही आरटीआई कार्यकर्ता बिपिन अग्रवाल के तीन नाबालिक बच्चे, पत्नी ,भाई व विधवा मां सहित परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है। वही प्रखंड क्षेत्र में दहशत का माहौल है। गौरतलब हो कि हरसिद्धि थाना क्षेत्र के मठलोहियार में अभी हाल ही में पत्रकार मनीष कुमार सिंह की अपराधियों के द्वारा निर्मम हत्या कर दी गई। जिनके हत्यारे स्वच्छंद रूप से निर्भीक होकर घूम रहे हैं और पुलिस वहां तक नहीं पहुंच पा रही है। वही कुछ महीने पहले हरसिद्धि थाना क्षेत्र के मटीयरिया में पैक्स अध्यक्ष की गोली मारकर हत्या कर दी गई। विगत 10 दिन पहले अपराधी हरसिद्धि बाजार में आकर तोड़कर दुकान लूट ले गए और अपराधी के जाने के 40 मिनट बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। इस तरह हरसिद्धि पुलिस की भूमिका संदेहास्पद लग रही है।

इधर हाल ही में रक्सौल में स्वर्णकार कपिल देव प्रसाद एवं उनके पोते की अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। लेकिन लगभग 10-12 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक पुलिस अपराधियों तक नहीं पहुंच पाई है। वही पांच दिन पूर्व रामगढ़वा थाना क्षेत्र के पीपर पाती घाट चौक पर दिन के उजाले में निर्भीक दो अपराधियों ने एक मुर्गी व्यवसाई व पूर्व वार्ड सदस्य की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। इस तरह से देखा जाए तो जिले भर में अपराधियों का तांडव बदस्तूर जारी है और सुशासन बाबू के सरकार में पहले वाली बात नहीं दिखाई दे रही है। आए दिन घटनाएं घटती जा रही है और अपराधियों का मनोबल आसमान से ऊंचा होते जा रहा है। यदि घटनाओं की यही स्थिति रही तो बिहार में पुन: जंगलराज आने में तनिक भी देर नहीं लगेगा।

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