सर्व शिक्षा अभियान में करोड़ों की लूट: जिला अधिकारी ने दिया जांच का आदेश

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समस्तीपुर। बिहार शिक्षा परियोजना, समस्तीपुर के संभागV.S.S.में व्याप्त भ्रष्टाचार, लूट- खसोट, राजनीति एवं जातीय विभेद खतरनाक रूप धारण कर चुकी है। V.S.S. संभाग 2003 से ग्रास रूट तक विशेषता अभी वंचित है जिसमें 6 से 14 आयु वर्ग के बच्चे आते हैं थे उन तक शिक्षा पहुंचाना जाता है ताकि अप्रैल 2010 से शिक्षा अधिकार कानून पूरे भारत वर्ष लागू है, आपको या जानकर पुनः रूप से आश्चर्य होगा कि परियोजनाSLO( राज्य स्तरीय कार्यालय) द्वारा पत्रांक8147 दिनांक12/10/17 जिसमें प्रशिक्षकों के चयन से लेकर दो दिवसीय विद्यालय उन्मुखीकरण सब विद्यालय विभाग योजना निर्माण तक के लिए निर्देशDPO(SSA) को दिया गया था परंतु उसका आरक्षण पालन करने की वजह पत्र में लग्न निर्देशिका एवंSLO के निर्देश को भी ठेंगा दिखा दिया गया ताकि 01% भी संभाग प्रभारी की निरंकुशता के कारण निर्देश का पालन नहीं हो सका तथाDPO ब्लैकमेल होते रहे संभाग की राशि लुटती रही आलम यह रहा और है कि 60 से 70% राशि संभाग प्रभारी को से कहा जाता रहा कि आप आओ और बैठ कर चले जाओ तथा उपस्थिति पंक्ति एवं अन्य वाउचर जिसका उपयोग उपयोगिता के लिए आवश्यक है पर हस्ताक्षर करा कर तथा मानवता का तार तार होती थी जब प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षकों काफी भोजन और नाश्ता जिस पर ₹40 व्यय का प्रावधान था और संभाग प्रभारी एवं उसके मातहतों द्वारा निगल ली जाती है।SLO द्वारा पूर्ण पारदर्शिता की बात कही गई है जो किसी भी अभियान मूलक कार्यक्रमों के लिए आवश्यक है परंतु पुराना 5 वर्ष पहले का वाह जरिए प्रावधान जिसमें शिक्षकों का मानदेय 400×3×2=2400+75×2=150 योजना भत्ता के अतिरिक्त कुछ प्रशिक्षण सामग्री को छोड़ बाकी हेड क्वार्टर लिया गया। आवाज उठाने के परिणाम स्वरूप अधिकांश योजना एवं अनुभवी प्रशिक्षकों को नजरअंदाज कर प्रशिक्षण का खाना पूर्ति तथा राशि लूटने का धंधा शुरू हो गया है। आज तक पर प्रखंड में कुल 22 केंद्र बनाए गए है। विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि कई प्रशिक्षक दोपहर बाद 3:00 बजे के बाद तक 10 से 15 प्रतिभागी उपस्थित हो सके क्योंकि परंपरा अनुसार केंद्र प्रधानों को 8 दिन पूर्व सूचना दिया जाना है किंतु अपने उद्देश्य की पूर्ति( लूटने के लिए) एवं 1 दिन पूर्व छुट्टी के समन्वयको एवं आज में प्रधानों को सूचना दी गई कई मामले तो हर शिक्षक का पत्र देखने के बाद विद्यालय को सूचित किए। पूर्व बजट के अनुसार 42 प्रतिभागियों पर 100 प्रतिभागी बाय किया जाना था जिसमें प्रथम दिन सीडी से पिक्चर दिखाकर विद्यालय विकास में विद्यालय शिक्षा समिति एवं अन्य छात्र एवं छात्राओं की मंच द्वारा की जाने वाली गति शिक्षकों के पढ़ाने का तरीका एवं उपस्थिति को चिन्हित किया गया है परंतु उससे उसकी पूरी राशि जिसमें जनरेटर टीवी सीडी डीजल सहित अन्य भारत निर्धारित किए गए हैं काबे े नहीं किया जाता है तथा संभाग प्रभारी के खुशामद में लगे रहने मीट, मुर्गा,””*स मछली एवं सेवा एवं पदों के अकसर बाजार में मनपसंद कपड़े गिफ्ट दिए जाते हैं कार्यालय में भी मौसम के अनुसार मिठाई ठंडा अन्य पदार्थ उपलब्ध कराए जाते हैं उनसे लूट में मदद ली जाती है तथा खुश करने के लिए 25-50 दिला दिए जाते हैं जो उसके समझा जाता है सभी पदाधिकारियों को पूर्व सूचना दिए जाने के बावजूद सक्रियता नहीं दिखाना दुर्भाग्यपूर्ण एवं चिंतनीय है क्योंकि इससे जागरूकता एवं जुझारू लोगों का मनोबल गिर जाता है तथा लुटेरों का मनोबल बढ़ जाता है सभी वंचित प्रशिक्षक संभाग प्रभारी को बर्खास्त करने की मांग जिला प्रशासन से की है

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