*संबद्ध महाविद्यालय संघर्ष समिति की बैठक संपन्न हुई। कार्यालय संवाददाता दरभंगा बिहार। सब पे नजर, सबकी खबर।*

  कार्यालय संवाददाता दरभंगा बिहार। दरभंगा:- बिहार के संबद्ध महाविद्यालय संघर्ष समिति की बैठक दरभंगा के निजी अस्पताल परिसर में आयोजित किया गया। बैठक की अध्यक्षता डॉ० राममोहन झा अध्यक्ष के अध्यक्षता में हुई। बैठक में निम्नलिखित प्रस्ताव पर विचार किया गया। 1. नया कार्यकारिणी गठन पर विचार, नया कार्यकारिणी गठन हेतु अध्यक्ष को अधिकृत […]

 

कार्यालय संवाददाता
दरभंगा बिहार।

दरभंगा:- बिहार के संबद्ध महाविद्यालय संघर्ष समिति की बैठक दरभंगा के निजी अस्पताल परिसर में आयोजित किया गया। बैठक की अध्यक्षता डॉ० राममोहन झा अध्यक्ष के अध्यक्षता में हुई। बैठक में निम्नलिखित प्रस्ताव पर विचार किया गया।
1. नया कार्यकारिणी गठन पर विचार, नया कार्यकारिणी गठन हेतु अध्यक्ष को अधिकृत किया गया।
2. संबद्ध महाविधालय संघर्ष समिति का पटना में 1 तथा 2 दिसंबर 2019 को राज्य स्तरीय सम्मेलन करने पर विचार।
3. संबद्ध महाविद्यालयो में रिक्त पड़े शिक्षकों के पद को आरक्षण रोस्टर का पालन करते हुए तत्काल विज्ञापन निकालकर शिक्षकों की नियुक्ति करने हेतु विश्वविद्यालय प्रशासन पर दवाब बनाने पर विचार।
4. वर्ष 2012 से 2019 तक डिग्री स्तर का तथा विगत 3 वर्षों का इंटरमीडिएट का अनुदान तत्काल रिलीज करने हेतु सरकार पर दवाब देने पर विचार।
5. संबद्ध महाविद्यालयो में जहाँ शाशी निकाय गठन नहीं किया गया है, तत्काल शाशी निकाय गठन हेतु विश्वविद्यालय पर दवाब देने पर विचार सहित अनेक विंदुओं पर बैठक में सहमति बनी।
वहीँ कुलपति से समय लेकर संबद्ध महाविधालय संघर्ष समिति संबद्ध महाविद्यालयो के समस्याओं के निदान हेतु ग्यारह सदस्यों का प्रतिनिधि मंडल के गठन का निर्णय लिया गया।

इस बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष डॉ० राममोहन झा ने कहा कि उपरोक्त सभी विंदुओं के अलावा सीनेट चुनाव के लिए जो मतदाता सूची प्रकाशन किया गया है उसमें कई महाविद्यालयो जैसे M.M.T.M.College, दरभंगा, संत कबीर कॉलेज, समस्तीपुर सहित 10 महाविद्यालयो का मतदाता सूची में नाम नहीं है।
विश्वविद्यालय 31 संबद्ध महाविद्यालय को दर्शाता है जबकि मतदाता सूची मात्र 19 महाविद्यालयो का प्रकाशन किया गया है।
वहीं शाशी निकाय जिन महाविद्यालयो में गठन नही किया गया है वहाँ दुर्गा पूजा के अवसर पर विश्वविद्यालय प्रतिनिधि को निर्देशित कर विश्वविद्यालय, शिक्षक तथा शिक्षकेतर कर्मियों का पैसा भुगतान करवावे तथा शाशी निकाय तत्काल गठन करने हेतु प्रचार्य को तत्काल निर्देशित करें अथवा तदर्थ कमिटी बनावे।

मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री से कहना चाहता हूँ कि यदि दिवाली से पूर्व डिग्री के 7 सालो का अनुदान एवं इंटरमीडिएट के 3 सालो का अनुदान रिलीज नही हुआ तो आने वाले चुनाव में गंभीर परिणाम होंगे। डॉ० झा ने सभी चयन समिति हो चुके शिक्षकों का सिंडिकेट के निर्णय के आलोक में अधिसूचना जल्द जारी करने की माँग विश्वविद्यालय प्रशासन से किया।

इस बैठक को संबोधन करने वालो में मुख्य लोगों मे से प्रो० अभय कुमार प्रधान महासचिव, प्रो० चन्द्र कान्त मिश्रा महासचिव, प्रो० अखिल रंजन झा प्रवक्ता, डॉ कुशेश्वर सहनी, डॉ शम्भू ठाकुर, प्रो० विजय कुमार झा, प्रो० इंद्रम किशोर मिश्र, प्रो० नरेश झा, डॉ० सुरेश राम, प्रो० वासुदेव साह, प्रो० अंजनी कुमार सिन्हा सहित इत्यादि शिक्षकों ने अपने विचार रखे।