सावित्रीबाई फुले और फातिमा शेख की जयंती पर सार्वजनिक शिक्षा और स्वास्थ्य अधिकारों की गारंटी मिले:उमेश राय

सावित्रीबाई फुले और फातिमा शेख की जयंती पर सार्वजनिक शिक्षा और स्वास्थ्य अधिकारों की गारंटी मिले:उमेश राय

दरभंगा।जेटी न्यूज।

भारत में नारी आंदोलन की जनक प्रथम महिला शिक्षिका सावित्री बाई फुले एवं फातिमा शेख की जयंती पर डी.एम.सी.एच. बचाओ- एम्स बनाओ अभियान समिति, नागरिक समाज एवं महागठबंधन के तत्वावधान में जयंती समारोह आयोजित किया गया। सावित्रीबाई फुले को याद करने का मतलब संघर्ष को याद करना है। यह जनसंघर्ष की विरासत को जिंदा करते हुए 2023 में शिक्षा और स्वास्थ्य अधिकारों की गारंटी के लिए आंदोलन खड़ा करने का समय है। समारोह में जनमुद्दों पर व्यापक परिचर्चा के पश्चात जनवरी में बिहार सरकार से डी.एम.सी.एच को यथास्थल रखते हुए एम्स बनाने के सम्बंध में अधिकृत बयान की माँग की गई तथा फरवरी माह में स्वास्थ्य अधिकारों की रक्षा के लिए डी.एम.सी.एच. बचाने और एम्स बनाने के लिए ‘गाँव चलो अभियान’ की शुरुआत की जाएगी। वक्ताओं ने कहा कि जिस भारत का सपना फुले, अम्बेडकर, जयपाल सिंह मुंडा जैसे हमारे महापुरुषों ने देखा था, वो समावेशी शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य की बुनियाद पर ही बन सकता है। इसलिए इन्हें याद करते हुए जनसंघर्ष को बुलंद करने को संकल्पित और समर्पित हैं हम। इस अवसर पर भाकपा माले जिला सचिव बैद्यनाथ यादव, राजद जिलाध्यक्ष उमेश राय, माकपा जिला सचिव अविनाश ठाकुर, जन संस्कृति मंच के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेंद्र सुमन, जनबुद्धिजीवी शंकर प्रलामी, भाकपा जिला सचिव विश्वनाथ मिश्र, अभिषेक कुमार, अमित मंडल, साधना शर्मा, डॉ. सूरज

 आदि ने अपनी बातें रखीं।कार्यक्रम का संचालन डॉ. लक्ष्मेश्वर प्रसाद सिंह ‘पप्पू’ ने किया। मौके पर डॉ. रामबाबू आर्य, ललन पासवान, केसरी यादव, रमाशंकर सहनी, दिनेश यादव, महेश यादव,रामबृक्ष यादव, मोहम्मद वाहिद, देवेंद्र कुमार, नियाज़ अहमद, नंदन कुमार सिंह, सजंय कुमार, संतोष कु. यादव, कुमार गौरव, समीर, प्रिंस राज, मंजू कुमार सोरेन सहित सैकड़ों लोगों उपस्थित थे।

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