गढ़ी महंथ रामेश्वर दास महाविद्यालय पिछड़े सुदूरवर्ती इलाके का एकमात्र उच्च शिक्षण संस्थान

गढ़ी महंथ रामेश्वर दास महाविद्यालय पिछड़े सुदूरवर्ती इलाके का एकमात्र उच्च शिक्षण संस्थान
जे टी न्यूज़


समस्तीपुर : दियरांचल क्षेत्र के मोहनपुर प्रखंड का अकेला कॉलेज जी.एम.आर. डी. महाविद्यालय 60 वें दशक में एक कबीरपंथी संत रामेश्वर दास द्वारा स्थापित किया गया था।उस समय तक समस्तीपुर जिले में जितवारपुर का महज समस्तीपुर कॉलेज समस्तीपुर था। इस लिहाज से यह जिले का दूसरा महाविद्यालय हुआ। कबीर पंथी मठ की सम्पत्ति एवं स्थानीय शिवचंद्र राय,अलखदेव राय एवं तत्कालीन विधायक रामस्वरूप राय के सहयोग से इस महाविद्यालय की स्थापना की गई थी। ग्रामीण अंचल में स्थापित इस महाविद्यालय के पास करीब 30 एकड़ भूमि है। महंत रामेश्वर दास द्वारा बनवाए गए खपरैल कमरों में महाविद्यालय का संचालन शुरू किया गया था। 70 वें दशक में इस महाविद्यालय को ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा ने अपनी इकाई के रूप में स्वीकार किया था,तब से यह महाविद्यालय ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराते आ रहे हैं। पूर्व की तुलना में विगत कुछ वर्षों से छात्रों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। यहां के छात्रों ने पाठ्य सहगामी क्रियाकलापों यथा खेलकूद, एन.एस.एस., आर.सी. सी.,सेहत केंद्र, उन्नत भारत अभियान,सांस्कृतिक गतिविधियों में काफी प्रतिष्ठा मिली है।

छात्र- खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में प्रतिभाग किया है।राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रमों के शिविरों में राज्य व राष्ट्रीय स्तर जैसे राष्ट्रीय युवा महोत्सव,राष्ट्रीय एकीकरण शिविर,राष्ट्रीय साहसी शिविर,राज्य स्तरीय पूर्व गणतंत्र दिवस शिविर,पूर्व गणतंत्र दिवस शिविर,गणतंत्र दिवस शिविर इत्यादि कार्यक्रमों में प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त हुआ है।सम्प्रति महाविद्यालय में लगभग सभी विषयों में विद्वान प्राध्यापक अपनी सेवा दे रहे हैं और पिछड़े व सुदूर इलाके में उच्च शिक्षा का दीप प्रज्वलित हो रहा है। ये सब कुछ परम आदरणीय पूज्य महंथ रामेश्वर दास जी महाराज की देन है।

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