संबद्ध कॉलेज के शिक्षक और कर्मचारी काले बिल्ले के साथ करेंगे विरोध प्रदर्शन
वेतनमान और अनुदान की मांग को लेकर अगले चरण में होगा जोरदार आंदोलन
संबद्ध कॉलेज के शिक्षक और कर्मचारी काले बिल्ले के साथ करेंगे विरोध प्रदर्शन / वेतनमान और अनुदान की मांग को लेकर अगले चरण में होगा जोरदार आंदोलन
जे टी न्यूज, मधेपुरा : – बिहार राज्य संबद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक-शिक्षिका और कर्मचारी महासंघ (फैक्टनेब) के प्रतिनिधियों ने गुरुवार को मधेपुरा कॉलेज और पीएस कॉलेज के प्रधानाचार्यों को आंदोलन से संबंधित ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से, शिक्षक और कर्मचारी अपनी लंबित मांगों के लिए आगामी चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत करने का ऐलान कर रहे हैं। फैक्टनेब के सदस्यों ने बताया कि यह आंदोलन खासकर संबद्ध कॉलेजों के शिक्षक और कर्मचारियों के वेतनमान और अनुदान की राशि को लेकर किया जाएगा। ज्ञापन में यह उल्लेख किया गया है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तो आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा। आंदोलन के पहले चरण के रूप में, 28 फरवरी को सभी शिक्षक और कर्मचारी काले बिल्ले पहनकर विरोध जताएंगे, जो सरकार के प्रति उनके आक्रोश का प्रतीक होगा। मधेसरा कॉलेज में, फैक्टनेब के प्रतिनिधियों ने उप प्रधानाचार्य डॉ. भगवान कुमार मिश्र को ज्ञापन सौंपा, जबकि पीएस कॉलेज में प्रधानाचार्य डॉ. अशोक कुमार से मिलकर आंदोलन की पूरी जानकारी दी। फैक्टनेब के बीएनएमयू अध्यक्ष प्रो. अरविंद कुमार यादव और प्रवक्ता डॉ. संजय कुमार ने बताया कि यह आंदोलन सरकार से शिक्षक और कर्मचारियों के वेतनमान और अनुदान की मांग को लेकर किया जा रहा है, जो वर्षों से लंबित हैं। ज्ञापन में बताया गया कि काले बिल्ले के साथ विरोध प्रदर्शन के बाद, 5 मार्च को मुख्यमंत्री के नाम विश्वविद्यालय के कुलपति को एक मांग पत्र सौंपा जाएगा। इसके बाद 6 से 19 मार्च तक जनप्रतिनिधियों का घेराव कर उनसे सरकार के प्रति दबाव बनाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि वे सदन में इस मुद्दे को उठाएं। फैक्टनेब के प्रतिनिधियों ने यह भी बताया कि यदि सरकार की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है, तो 20 मार्च से पटना में अनिश्चितकालीन धरना और उपवास कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। शिक्षक नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य के संबद्ध कॉलेजों के हजारों शिक्षक और कर्मचारी 30 से 35 वर्षों से बिना वेतन के काम कर रहे हैं। पिछले सात वर्षों से अनुदान की राशि भी नहीं मिली है, जिससे उनका जीवन यापन करना बेहद मुश्किल हो गया है। फैक्टनेब के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तो आगामी विधानसभा चुनावों में इसका राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है।
इस आंदोलन के जरिए शिक्षक समुदाय सरकार पर दबाव बनाने की पूरी कोशिश करेगा, और उन्होंने अपने संघर्ष में एकजुटता दिखाते हुए आंदोलन में भाग लेने का संकल्प लिया है।


