सुपौल अंचल में बह रही है भ्रष्टाचार की गंगोत्री

अंचल में काम के लिए आनंद मंडल टैक्स (ए.एम.टी.) टैक्स देना पड़ता है

सुपौल अंचल में बह रही है भ्रष्टाचार की गंगोत्री

पैसा है तो सुपौल अंचल आईए, नहीं तो झाल बजाइए

अंचल में काम के लिए आनंद मंडल टैक्स (ए.एम.टी.) टैक्स देना पड़ता है

जे टी न्यूज, सुपौल: जिला मुख्यालय स्थित लोरिक विचार मंच के जिला कार्यालय में सुपौल के अंचलाधिकारी आनन्द कुमार मंडल के अवैध वसूली एवं काले कारनामे को लेकर आयोजित प्रेस वार्त्ता को संबोधित करते हुए लोरिक विचार मंच के प्रदेश संयोजक डॉ. अमन कुमार ने कहा कि सुपौल अंचल में भ्रष्टाचार की गंगोत्री बह रही है। सीओ आनन्द कुमार मंडल सरकारी जमीन को संरक्षित करने की जगह बड़े पैमाने पर भक्षण कर रहे हैं। जमीन संबंधित विवादों को सुलझाने की जगह उलझाने का कार्य कर रहे हैं। इन्होंने अपने पद का दुरूपयोग कर अवैध रूप से अकूत संपत्ति अर्जित की है। भू-माफिया व दलालों से मिलीभगत कर पंजी 2 में हेरा फेरी कर 25 एकड़ से अधिक सरकारी जमीन बिक्री व दाखिल खारिज करने का कार्य किया है।

डॉ. कुमार ने कहा कि सीओ ने सरकार और रैयतों को 50 करोड़ से अधिक का चूना लगा चुके हैं। ”पैसा है तो सुपौल अंचल आईए, नहीं तो झाल बजाइए। दाखिल-खारिज, परिमार्जन, वासगित पर्चा एवं सर्वे के नाम पर मोटी रकम ऐंठ कर दिन-प्रतिदिन न्याय का गला घोंट रहे हैं। इनके कर्तव्यहीनता, भ्रष्ट क्रियाकलाप, रंगीन मिजाज एवं न्याय विरोधी गतिविधियों के कारण जिला प्रशासन, विभाग एवं बिहार सरकार के छवि को धूमिल कर रहे हैं। इनके पदस्थापन के बाद इनका सरकारी आवास पापों का अड्डा बन चुका है। सीओ अपने आवास के पिछले दरबाजे से बुलाकर मूल रैयत को भी कई तरह की अरचन बताकर मोटी रकम ऐंठने का काम करते हैं। दलाल, भू-माफिया एवं भ्रष्ट प्रतिनिधि के माध्यम से आए हुए फाइल पर वसूली सुबह और रात में करते हैं। जिसकी सत्यता की जांच सीओ के आवास परिसर में संचालित मोबाईल नम्बर के लोकेशन व सीडीआर से किया जा सकता है। सीओ के क्रियाकलाप पर सवाल उठाते हुए डॉ. अमन कुमार ने कहा कि सीओ अपने संरक्षण में फर्जी दस्तावेज तैयार कर गैर मजरूआ आम, गैरमजरूआ खास, केशरे हिन्द, राम जानकी, खास महाल, रेलवे जमीन, गोचर जमीन, वन भूमि आदि जमीन को बिक्री करवाकर परिमार्जन एवं दाखिल खारिज करने का कार्य किए हैं। इनके कार्यकाल में जो भी व्यक्ति अंचल में वास्तविक कार्य से भी आए हैं। उन्हें आनंद मंडल टैक्स (ए.एम.टी.) भुगतान करने के बाद ही कार्य हुआ है। सीओ सरेआम कहते हैं कि मुझे घूस नहीं जमीन में हिस्सेदारी चाहिए। इनके क्रियाकलाप से सुपौल वासी लहूलुहान हो चुके हैं। सरकारी गाड़ी के अलावे तीन निजी चार चक्का गाड़ी का भी उपयोग करते हैं। सरकारी गाड़ी का उपयोग इनके दलाल भी करते हैं। जिसकी सत्यता की जांच सी.सी.टी.वी. फुटेज से की जा सकती है। हैरत की बात यह है कि प्राईवेट गाड़ी में भी सरकारी डीजल डालने का काम करते हैं। अगर इसकी निष्पक्ष जांच हुआ तो बिहार का सबसे बड़ा भ्रष्ट अंचलाधिकारी के रूप में आनन्द कुमार मंडल साबित होंगे। इनके क्रियाकलाप व अकूत संपत्ति की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। इनके काले कारनामे सूची महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एंव भुमि सुधार मंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, विशेष निगरानी इकाई, सी.आई.डी., निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, अपर मुख्य सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग आदि को भेजने की बात कही है।

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