*’विश्व साइकिल दिवस’ पर राष्ट्रीय सेवा योजना कोषांग द्वारा ‘साइकिल जागरूकता रैली’ आयोजित* *मोटापा, डायबिटीज, बीपी, कोलेस्ट्रॉल आदि के नियंत्रण हेतु नियमित साइकलिंग अनिवार्य- डॉ गीतेन्द्र*
*साइकिलिंग सरल एवं सस्ता व्यायाम जो मांसपेशियों, हड्डियों एवं फेफड़े को मजबूत बनाने में सक्षम- डॉ चौरसिया*
*’विश्व साइकिल दिवस’ पर राष्ट्रीय सेवा योजना कोषांग द्वारा ‘साइकिल जागरूकता रैली’ आयोजित*
*मोटापा, डायबिटीज, बीपी, कोलेस्ट्रॉल आदि के नियंत्रण हेतु नियमित साइकलिंग अनिवार्य- डॉ गीतेन्द्र*
*साइकिलिंग सरल एवं सस्ता व्यायाम जो मां सपेशियों, हड्डियों एवं फेफड़े को मजबूत बनाने में सक्षम- डॉ चौरसिया*

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के राष्ट्रीय सेवा योजना कोषांग के तत्त्वावधान में ‘विश्व साइकिल दिवस’ के अवसर पर “साइकिल जागरूकता रैली” का आयोजन किया गया। रैली को विश्वविद्यालय के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ गीतेन्द्र ठाकुर तथा एनएसएस समन्वयक डॉ आर एन चौरसिया ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर विश्वविद्यालय परिसर से विदा किया। डॉ सोनू राम शंकर, प्रो शिव नारायण राय एवं डॉ उदय कुमार के नेतृत्व में रैली श्यामा मंदिर, भंडार चौक, रामबाग, कन्हैया कोठी, संस्कृत विश्वविद्यालय, बाघमोर, नरगोना प्लेस, मनोकामना मंदिर आदि स्थानों में ‘साइकिल चलाएं- स्वास्थ्य बनाएं’, ‘साइकिल अपनाओ- पेट्रोल बचाओ’, ‘साइकिल चलाओ- खुशियां बढ़ाओ’, ‘साइकिल है सस्ती- सेहत में मस्ती’ आदि प्रेरक नारा लगाते हुए लोगों को साइकिलिंग हेतु जागरूक किया। जागरूकता रैली में स्नातकोत्तर एनएसएस इकाई के पदाधिकारी डॉ सोनू राम शंकर, आरबी जालान बेला कॉलेज के एनएसएस पदाधिकारी प्रो शिव नारायण राय, मिल्लत कॉलेज, दरभंगा की कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ कीर्ति चौरसिया, बीएड (नियमित) के एनएसएस पदाधिकारी डॉ उदय कुमार, सीनेट सदस्य डॉ रंजीत पासवान, अक्षय कुमार झा, समरेन्द्र कुमार, सहायक अमित कुमार झा, रवीन्द्र कुमार सिंह, वेद साई शंकर, रविकांत गुप्ता, आस्थानन्द यादव आदि सहित 100 से अधिक व्यक्तियों ने भाग लिया, जिन्हें प्रमाण पत्र भी दिया गया।

डॉ गीतेन्द्र ठाकुर ने कहा कि साइकिल चलाने से फिटनेस बढ़ती है, शरीर की चर्बी कम होती है और मेटाबॉलिज्म तेज होता है। इससे मोटापा एवं डायबिटीज कम होता है, कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है और दिल के रोगों का खतरा कम हो जाता है। कहा कि साइकिलिंग से इंधन की बचत होती है और प्रदूषण भी कम होता है। हमें प्रतिदिन साइकिल चलाना चाहिए। डॉ आर एन चौरसिया ने कहा कि साइकिलिंग एक बहुत ही अच्छा व्यायाम है जो हमें सक्रिय कर हमारी जीवन शैली में सुधार लाता है। बच्चे, युवा, महिला और बुजुर्ग सभी इसका आनंद ले सकते हैं। यह सरल, सुलभ, सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल व्यायाम है जो मांसपेशियों, हड्डियों, हृदय एवं फेफड़े आदि को मजबूत करने में सक्षम है। इससे रक्त संचार एवं पाचन क्रिया भी सुचारू हो जाता है। कहा कि साइकिलिंग स्वास्थ्य, पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत उपयोगी है जो हमारे स्वस्थ जीवन शैली को प्रोत्साहित करता है। धन्यवाद ज्ञापन अमित कुमार झा ने किया।


