संयुक्त किसान मोर्चा की राष्ट्रीय अधिवेशन दिल्ली में सम्पन्न, 10 अगस्त को देशव्यापी जेलभरो आन्दोलन का आव्हान

संयुक्त किसान मोर्चा की राष्ट्रीय अधिवेशन दिल्ली में सम्पन्न, 10 अगस्त को देशव्यापी जेलभरो आन्दोलन का आव्हान

जे टी न्यूज, झारखंड: जुलाई को संयुक्त किसान मोर्चा का राष्ट्रीय अधिवेशन शिविक सेंटर नयी दिल्ली में सम्पन्न हुई,10 अगस्त को देशव्यापी जेलभरो आन्दोलन का आव्हान किया गया, अधिवेशन के पूर्व किसान आन्दोलन के शहीदो, छात्र आन्दोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि दिया गया।राष्ट्रीय अधिवेशन के लिए आधार पत्र अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष कामरेड कृष्ण प्रसाद ने करते हुए कहा आज हम देश भर के किसान नेता इस लिए जुटे हैं कि 13 माह चली किसान आन्दोलन के पश्चात तीनों कृषि कानून रद्द करते हुए मोदी सरकार ने 10 दिसम्बर 2021 को किसान आन्दोलन के साथ लिखित समझौता किया था कि तीन माह में एम् एस पी की कानूनी गारंटी, किसान आन्दोलन के मुकदमे वापस लेने, शहीद किसानों को मुआवजा देने, कर्ज माफी करने आदि शामिल थे। 6 वर्ष के पश्चात लागू नहीं किया गया तथा नये किसान विरोधी कानून ,भारत – अमेरिका व्यापार समझौता,बीज और बिजली विधेयक, मनरेगा को समाप्त कर दिया गया है। भारत – व्यापार समझौता भारतीय किसानों के लिए मौत की घंटी होगी, भारतीय किसानों की बर्बादी होगी।

अमेरिकी उत्पादों के लिए मुक्त भारतीय बाजार एवं भारतीय किसानों पर 18 प्रतिशत टेरिफ भारतीय संप्रभुता को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के सामने आत्म समर्पण है। राष्ट्रीय अधिवेशन में देश भर के 500 से ज्यादा किसान संगठन के प्रतिनिधि शामिल थे।राष्ट्रीय अधिवेशन को अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कामरेड अशोक ढवले, महासचिव बीजू कृष्णन,बी,के,यू नेता राकेश टिकैत,डा,सुनीलम, गुरमीत सिंह, छात्र नेता आशुतोष राणा,दिपक, सरनाम सिंह, पुरूषोत्तम,बिमल त्रिवेदी, रमेंद्र पटियाला, योगेन्द्र सिंह उगराहा ,आमरा राम,मंजित सिंह,आदि ने संबोधित किया। झारखंड राज्य किसान सभा के महासचिव सुफल महतो, अध्यक्ष असिम सरकार, उपाध्यक्ष सुरजीत सिन्हा, संयुक्त सचिव मदुवा कच्छप, कोषाध्यक्ष प्रदीप गुड़िया,शंकर उरांव , बिहार राज्य किसान सभा पूर्व महासचिव अवधेश कुमार,महासचिव विनोद, उपाध्यक्ष प्रभुराज नारायण राव,आदि उपस्थित थे। राष्ट्रीय अधिवेशन में निर्णय लिया गया कि भारत – अमेरिका व्यापार समझौता, किसान विरोधी कानूनों,बीज और बिजली विधेयक, सहित किसान मुद्दों पर 10 अगस्त को देशव्यापी जेलभरो आन्दोलन एक हजार जगहों में करने,17 अगस्त को प्रधानमंत्री/ विपक्ष के नेता, मंत्री, सांसदों को ज्ञापन सौंपने,3 अक्टूबर लखिन खिरी शहादत दिवस पर हर गांवों में किसान पंचायत करने ,26 नवंबर को किसान आंदोलन के 6 वे वरषी पर देश भर में बड़े बड़े आन्दोलन करने का निर्णय लिया गया।

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