सांसद पप्पू यादव की केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी से अहम मुलाकात, सौंपा विस्तृत विज़न डॉक्यूमेंट
*उभरता औद्योगिक केंद्र बन चुका है पूर्णिया*
सांसद पप्पू यादव की केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी से अहम मुलाकात, सौंपा विस्तृत विज़न डॉक्यूमेंट

जे टी न्यूज, नईदिल्ली:
पूर्णिया और सीमांचल के औद्योगिक भविष्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री जीतन राम मांझी से एक अहम मुलाकात की। इस दौरान सांसद ने पूर्णिया को MSME औद्योगिक हब घोषित करने सहित कई महत्वाकांक्षी प्रस्तावों वाला एक विस्तृत ज्ञापन मंत्री को सौंपा। सांसद ने ISI प्रमाणन एवं परीक्षण प्रयोगशाला, आधुनिक प्रौद्योगिकी केंद्र और निर्यात क्लस्टर की स्थापना के लिए तत्काल सैद्धांतिक स्वीकृति देने का आग्रह किया।
सांसद पप्पू यादव ने कहा कि यह पहल केवल पूर्णिया ही नहीं, बल्कि पूरे सीमांचल और पूर्वी बिहार की आर्थिक तस्वीर बदलने वाली साबित होगी। उन्होंने दो टूक कहा कि पूर्णिया में अपार संभावनाएं हैं, जरूरत है उन्हें योजनाबद्ध तरीके से साकार करने की।
*उभरता औद्योगिक केंद्र बन चुका है पूर्णिया*
लोकसभा सांसद के रूप में अपने दायित्वों का उल्लेख करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि पूर्णिया आज बिहार का दूसरा सबसे बड़ा उभरता औद्योगिक केंद्र बन चुका है। बीते कुछ वर्षों में अडानी समूह सहित करीब 28 कंपनियों द्वारा 400 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है।
फूड प्रोसेसिंग, मखाना (गखाना) प्रसंस्करण और कृषि आधारित उद्योगों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र की भौगोलिक और आर्थिक क्षमता का पूरा दोहन अब तक नहीं हो पाया है।
*रणनीतिक स्थिति, निर्यात की अपार संभावना*
सांसद ने पूर्णिया की भौगोलिक स्थिति को इसकी सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र पूर्वी भारत का प्रमुख व्यापारिक द्वार बन सकता है।
यहां तीन राष्ट्रीय राजमार्गों का संगम है, जो इसे पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ता है। साथ ही नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की नजदीकी के कारण यह क्षेत्र निर्यात के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि पूर्णिया–पटना ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, प्रस्तावित एयरपोर्ट और बियाडा मरंगा में प्लग एंड प्ले औद्योगिक पार्क जैसे प्रोजेक्ट बुनियादी ढांचे को और मजबूत बना रहे हैं।
*कुशल श्रम, संसाधन और आधुनिक उद्योगों की संभावनाएं*ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पूर्णिया क्षेत्र में कुशल श्रमशक्ति, पर्याप्त जल संसाधन और कच्चे माल की उपलब्धता है। यह क्षेत्र SMR आधारित उद्योगों, फूड प्रोसेसिंग, डेटा सेंटर और आधुनिक विनिर्माण इकाइयों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है।
इन सभी संसाधनों को एकीकृत कर पूर्णिया को पूर्ण विकसित MSME हब के रूप में स्थापित किया जा सकता है, जिससे स्थानीय उद्यमियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।
*ISI लैब, टेक्नोलॉजी सेंटर और लाखों रोजगार का लक्ष्य*
सांसद ने पूर्णिया में ISI प्रमाणन एवं परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने की मांग की, जिससे फूड, मखाना, सीमेंट सहित अन्य उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार किया जा सके।
इसके साथ ही PPP मोड में एक अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी केंद्र स्थापित करने का सुझाव दिया गया, जहां उन्नत मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी, डिजिटल टूल्स और कौशल विकास कार्यक्रम संचालित हों।
उनके अनुसार, इससे 15,000 से अधिक MSME इकाइयों को सीधा लाभ मिलेगा और करीब 3 लाख रोजगार सृजित होने की संभावना है।
*SC/ST, महिला उद्यमियों को विशेष बढ़ावा*
सांसद पप्पू यादव ने मांग की कि ZED 2.0 प्रमाणीकरण, PM विश्वकर्मा योजना और MSME हैकाथॉन के माध्यम से SC/ST और महिला उद्यमियों को विशेष प्राथमिकता दी जाए।
कोल्ड चेन, क्रेट सेंटर और एकल खिड़की प्रणाली लागू होने से लगभग 1,000 करोड़ रुपये तक का नया निवेश आकर्षित किया जा सकता है।
*बिहार की GDP में 5,000 करोड़ का योगदान संभव*
सांसद ने विश्वास जताया कि यदि ये प्रस्ताव धरातल पर उतरते हैं, तो पूर्णिया आने वाले वर्षों में पूर्वी भारत का प्रमुख निर्यात एवं लॉजिस्टिक हब बन सकता है। इससे बिहार की GDP में 5,000 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त योगदान और 2 से 3 लाख नए रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक प्रस्ताव नहीं, बल्कि पूर्णिया के भविष्य को आत्मनिर्भर और औद्योगिक रूप से मजबूत बनाने का रोडमैप है।
