मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में प्रधानाचार्यों, विभागाध्यक्षों एवं पदाधिकारियों की बैठक आयोजित

मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में प्रधानाचार्यों, विभागाध्यक्षों एवं पदाधिकारियों की बैठक आयोजित
विभागाध्यक्ष एवं प्रधानाचार्य वर्ग संचालन का करें नियमित मूल्यांकन तथा शैक्षणिक कैलेंडर का कराएं अक्षरशः पालन- कुलपति

 

 

जे टी न्यूज़, दरभंगा : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में प्रधानाचार्यों विभागाध्यक्षों एवं पदाधिकारियों के साथ ही कॉलेजों के आइक्यूएसी एवं पीजी विभागों के डीक्यूएसी समन्वयकों की महत्वपूर्ण बैठक जुबिली हॉल में आयोजित की गई। महाविद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों, शिक्षकों के शोध- कार्य एवं अन्य उपलब्धियों से संबंधित जानकारी विश्वविद्यालय द्वारा तैयार पोर्टल पर संधारित करने की प्रक्रिया को विश्वविद्यालय द्वारा अवगत कराने एवं अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं अकादमी जानकारी, स्नातक 5 वें सेमेस्टर में इंटर्नशिप संचालन प्रगति पर प्रतिवेदन तथा राजकीय डिग्री कॉलेज में प्रतिनियुक्ति प्रधानाचार्यों द्वारा कॉलेजों की वस्तुस्थिति से अवगत कराने के साथ ही अन्य एजेंडों पर विस्तार पूर्वक विचार कर निर्णय लिए गए।
कुलपति ने कहा कि देश के 35 राज्य स्तरीय विश्वविद्यालयों को मेरू के अंतर्गत विकसित किया जाना है, जिनके अंग होने के नाते हमारे विश्वविद्यालय को भी डाटा की जरूरत है। आईटी सेल का पोर्टल लंच हो चुका है, जिसमें शिक्षकों का डाटा, उपलब्धियां एवं सूचनाओं को डालना है। संस्था प्रमुख शिक्षकों को डाटा के लिए प्रोत्साहित करें तथा नियमित पर्यवेक्षक भी करें। कुलपति ने कहा कि अति उत्साह में नियम विरुद्ध कोई भी कार्य नहीं करें। पेपरों को दुरुस्त रखें, क्योंकि वे हमेशा जिंदा रहते हैं। यदि आज अच्छे एवं उचित कार्य छात्र हित में करेंगे तो भले ही थोड़ी शिकायत हो, पर आपका कुछ भी नुकसान नहीं होगा। कुलपति ने इंटर्नशिप के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कम खर्च में छात्रों की पहुंच और सुविधा को ध्यान में रखते हुए कराएं। छात्र अपने विषय के अनुकूल संस्थानों- बैंक, डेरी, एनजीओ, कंपनी, डीएम कार्यालय, सहकारिता विभाग आदि पंजीकृत केन्द्रों में इंटर्नशिप कर सकते हैं। इससे उन्हें व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होगा तथा उनके व्यक्तित्व का विकास भी होगा। प्रधानाचार्य एवं विभागाध्यक्ष वर्ग संचालन का नियमित मूल्यांकन करें और विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कैलेंडर का अक्षरशः पालन करें। नजदीक के शिक्षकों से विशेष व्याख्यान एवं प्रायोगिक कक्षाओं का संचालन कराए, स्मार्ट कक्षाओं को प्रयोग में लाएं। सीसीटीवी, पेयजल एवं शौचालय आदि की अच्छी व्यवस्था रखें। आने वाला समय मुक्स का है, जिससे शैक्षणिक संस्थाओं की अधिकांश समस्याएं दूर होगी। विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि के रूप में सीनेट वर्ष में दो बार कॉलेज जाकर जांच प्रतिवेदन देंगे।


इस अवसर पर आईटी सेल के प्रभारी डॉ अंकित कुमार, इंटर्नशिप के नोडल पदाधिकारी डॉ विपुल स्नेही, वित्तीय परामर्श इन्द्र कुमार, डीएसडब्ल्यू प्रो अशोक कुमार मेहता, सीएम कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो मुश्ताक अहमद, उप कुलसचिव (प्रथम) डॉ उमाकांत पासवान, विकास पदाधिकारी डॉ अभिषेक राय तथा स्वयं के विश्वविद्यालय नोडल पदाधिकारी डॉ मुदासिर हसन भट्ट आदि ने बैठक के मुद्दों पर अपना विचार व्यक्त किया और किसी प्रकार की समस्या होने पर अपना मोबाइल नंबर प्रदान किया, जबकि डॉ बीरेन्द्र कुमार चौधरी, प्रो मुश्ताक अहमद, डॉ उमेश कुमार चौधरी, प्रो नारायण झा, डॉ फूलो पासवान आदि ने प्रश्नोत्तर सत्र में भाग लिया। बैठक का संचालन सीसीडीसी डॉ गजेन्द्र प्रसाद ने किया।

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