आदिवासी समाज ने बी डी ओ और सरपंच पर धमकाने का लगाया गंभीर आरोप





आदिवासी समाज ने बी डी ओ और सरपंच पर धमकाने का लगाया गंभीर आरोप


जे टी न्यूज़, भागलपुर: पीरपैंती में बन रहे अडानी थर्मल पावर प्लांट को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। विस्थापन और पुनर्वास को लेकर पहले से नाराज आदिवासी समाज ने अब प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर सीधे धमकाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस आरोप के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया है।
हरिनकोल पंचायत के आदिवासी परिवारों का कहना है कि पुनर्वास और आवास की मांग उठाने पर उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पीरपैंती प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी और शादी सिमनपुर पंचायत के सरपंच वरुण गोस्वामी पर दबाव बनाने और अपमानजनक व्यवहार करने के आरोप लगे हैं।
एक महिला ने खुलेआम आरोप लगाया कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की ओर से कहा गया—“रहना है तो इसी घर में रहो, नहीं तो जहां जाना है चले जाओ।” इस कथित बयान के बाद आदिवासी समाज में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि लोकतंत्र में जनता की समस्याओं को सुनना और समाधान करना प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी होती है, लेकिन यहां हालात उल्टे दिख रहे हैं। लोगों का आरोप है कि जब अधिकारी ही दबाव बनाने लगें और जनप्रतिनिधि भी संवेदनशीलता छोड़ “गुंडागर्दी” की भाषा में बात करें, तो आम जनता आखिर न्याय के लिए किसके पास जाए?


स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि विस्थापित परिवारों की समस्याओं का सम्मानजनक समाधान नहीं हुआ और धमकाने का सिलसिला जारी रहा, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। वहीं, इस पूरे मामले में प्रशासन या सरपंच की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पीरपैंती थर्मल पावर प्लांट परियोजना को लेकर लगातार बढ़ते विरोध और आरोपों ने अब प्रशासनिक कार्यशैली और पुनर्वास नीति दोनों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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