महिला महाविद्यालय समस्तीपुर में प्रो. अरुण कुमार कर्ण को दी गई भावपूर्ण विदाई
महिला महाविद्यालय समस्तीपुर में प्रो. अरुण कुमार कर्ण को दी गई भावपूर्ण विदाई

जे टी न्यूज़, समस्तीपुर : महिला महाविद्यालय, समस्तीपुर में शनिवार को मैथिली विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक, पूर्व विभागाध्यक्ष एवं पूर्व प्रभारी प्राचार्य प्रो. अरुण कुमार कर्ण के सम्मान में एक गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राजेश कुमार रंजन ने की। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार ने प्रो. कर्ण के लगभग तीन दशकों के उत्कृष्ट शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं संस्थागत योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य प्रो. राजेश कुमार रंजन सर ने कहा कि प्रो. अरुण कुमार कर्ण ने अपने सेवाकाल में निष्ठा, ईमानदारी एवं समर्पण के साथ शैक्षणिक तथा प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन किया। उनके नेतृत्व, कार्यकुशलता एवं अनुशासन ने महाविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया। उन्होंने कहा कि प्रो. कर्ण का व्यक्तित्व एवं कार्यशैली आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।
अपने विदाई संबोधन में प्रो. अरुण कुमार कर्ण ने महाविद्यालय परिवार के सभी शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिला महाविद्यालय, समस्तीपुर उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा रहा है। उन्होंने अपने लंबे सेवाकाल की स्मृतियों को साझा करते हुए सभी सहयोगियों को सदैव संस्थान के हित को सर्वोपरि रखते हुए निष्ठा, ईमानदारी एवं समर्पण के साथ कार्य करने का संदेश दिया। उन्होंने सभी के उज्ज्वल भविष्य एवं महाविद्यालय की निरंतर प्रगति की मंगलकामना करते हुए अपना आशीर्वचन प्रदान करते हुए कार्यक्रम को भावपूर्ण बना दिया।ज्ञातव्य है कि प्रो. अरुण कुमार कर्ण की नियुक्ति महिला महाविद्यालय, समस्तीपुर में 5 नवंबर 1996 को हुई थी।

इस अवसर पर डॉ. सोनी सलोनी ने कहा कि प्रो. कर्ण सदैव महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय की प्रत्येक शैक्षणिक गतिविधि में सक्रिय भूमिका निभाते रहे। उन्होंने नेट परीक्षा के प्रश्न-निर्धारण, स्नातक परीक्षाओं सहित विश्वविद्यालय की अनेक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का अत्यंत दक्षता, निष्पक्षता एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन किया।
डॉ. विजय कुमार गुप्ता ने कहा कि प्रो. कर्ण का जीवन अनुशासन, सादगी एवं कर्मनिष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण है। उनका मार्गदर्शन, कार्यशैली एवं व्यवहार सभी शिक्षकों के लिए सदैव प्रेरणादायी रहेगा।
महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. सुरेश साह ने कहा कि प्रो. कर्ण रूटीन इंचार्ज के रूप में अत्यंत दक्ष रहे। उन्होंने महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा अपने अनुभव और प्रशासनिक क्षमता से समय-समय पर सभी शिक्षकों का मार्गदर्शन किया।
डॉ. नेहा जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि प्रो. अरुण कुमार कर्ण महाविद्यालय परिवार के लिए केवल एक वरिष्ठ शिक्षक ही नहीं, बल्कि एक अभिभावक के समान रहे। उन्होंने सदैव सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों का स्नेहपूर्वक मार्गदर्शन किया तथा अपने सहज एवं आत्मीय व्यवहार से सभी का सम्मान और विश्वास अर्जित किया।
डॉ. कविता वर्मा ने कहा कि प्रो. कर्ण का व्यक्तित्व अत्यंत सरल, सौम्य एवं प्रेरणादायी रहा है। उन्होंने अपने सेवाकाल में कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन एवं समर्पण की जो मिसाल प्रस्तुत की है, वह सदैव सभी के लिए अनुकरणीय रहेगी। उनका स्नेह, सहयोग एवं मार्गदर्शन महाविद्यालय परिवार की अमूल्य धरोहर रहेगा।
महाविद्यालय के भूतपूर्व रसायन शास्त्र के विभाग अध्यक्ष प्रो डॉ बीगन राम ने सर की महाविद्यालय में योगदान से लेकर अभी तक के व्यक्तित्व का विस्तृत जिक्र किया। भौतिकी विभाग के पूर्व डिमॉन्स्ट्रेटर श्री रामाशीष प्रसाद ने प्रो. कर्ण के साथ बिताए अपने लंबे कार्यकाल की स्मृतियों को साझा करते हुए उनके सादगीपूर्ण व्यक्तित्व, प्रशासनिक दक्षता, अनुशासन, कार्यनिष्ठा तथा सहकर्मियों के प्रति सहयोगात्मक व्यवहार पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रो. कर्ण ने सदैव संस्थान की गरिमा और हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
कार्यक्रम को भावुक एवं अविस्मरणीय बनाते हुए डॉ.
पअनु कुमारी एवं डॉ. माधवी झा ने अपनी भावपूर्ण कविताओं की प्रस्तुति दी। उनकी मार्मिक रचनाओं ने उपस्थित सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों को भावविभोर कर दिया और पूरे समारोह को आत्मीयता एवं संवेदनाओं से ओत-प्रोत कर दिया।
समारोह के अंत में महाविद्यालय परिवार की ओर से प्रो. अरुण कुमार कर्ण को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। उपस्थित सभी शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने उनके स्वस्थ, सुखमय एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। पूरे कार्यक्रम का वातावरण सम्मान, आत्मीयता एवं भावनात्मक स्मृतियों से परिपूर्ण रहा।
इस अवसर पर डॉ. मधुलिका मिश्रा, डॉ. रिंकी कुमारी, डॉ. संगीता, डॉ. शालिनी, डॉ कुमारी अनु,डॉ. अपूर्व मुले, डॉ. रितु सांगवान , डॉ. सुमन कुमारी, डॉ आभा कुमारी,,डॉ सोनी सिन्हा, डॉ कुमारी संगीता , मिस पूनम कुमारी,डॉ. पिंकी कुमारी ,डॉ चंदन सिन्हा , डॉ नवेश कुमार,डॉ. स्मिता कुमारी,, डॉ. माधवी झा, डॉ. कस्तूरीका कानन, डॉ. स्वाति , डॉ नीरज प्रसाद, स्वीटी दर्शन, डॉ आभा डॉ शाहजहां आरा सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का वातावरण आत्मीय, गरिमामय एवं भावनात्मक रहा।

