नीतीश सबके थे
नीतीश सबके थे

जे टी न्यूज, पटना: बांकीपुर में प्रशांत किशोर की जीत ने एक बात फिर साबित कर दी कि लोकसभा हो या उसके बाद विधानसभा, उन जीतों का सबसे बड़ा फैक्टर नीतीश कुमार थे।
बिहार में पहली बार भाजपा नेतृत्व वाली सरकार के पक्ष में जो व्यापक जनादेश मिला, उसके केंद्र में नीतीश कुमार का चेहरा, उनकी विश्वसनीयता और सुशासन की छवि थी। महागठबंधन हो या एनडीए, महिलाओं का बड़ा वर्ग, जीविका दीदियाँ और विकास पर भरोसा करने वाले लाखों मतदाता सबसे पहले नीतीश कुमार को ही जानते और मानते थे।
आज जब राजनीतिक समीकरण बदल रहे हैं, तब शायद बहुतों को यह एहसास हो रहा होगा कि नीतीश सबके थे।
बांकीपुर के जनादेश ने यह संदेश भी दिया है कि बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है। जनसुराज के रूप में उभरती नई राजनीतिक शक्ति और श्री प्रशांत किशोर को हार्दिक शुभकामनाएँ।
समय बदलता है, चेहरे बदलते हैं, लेकिन कुछ नेताओं का योगदान समय के साथ और अधिक स्पष्ट होकर सामने आता है।
