नहीं रहा सीमांचल एवं कोसी का कुख्यात अपराधी बुचन यादव।9431406262
परिस्थितियों ने कैसे एक साधारण आदमी को बना दिया कुख्यात अपराधी

जेटी न्यूज़ की पड़ताल, हकीकत ब्रज किशोर यादव उर्फ बुचन यादव की।
जेटीन्यूज़
पूर्णिया :
बुचन यादव पहले अपने परिवार के साथ साधारण आदमी की तरह घर में ही रहा करता था जहां काम धंधे की बात है तो उनके पास महज कुछ बीघा जमीन ही थी ओर कुछ भैंस था जिसके सहारे ही अपने परिवार की जीविका चलाते थे पिता के साथ अपने घर परिवार का कार्य में हाथ बटाया करते थे मगर लगातार मौजमपट्टी के ही कुछ लोगों द्वारा कई वार जमीन जोतने ओर भैंस चोरी कर प्रताड़ित किया जाने लगा कई बार मारपीट की भी नौबत आ गई थी जिस कारण अंततः तंग होकर बुचन यादव ने जीने के लिए अपराध की दुनिया को चुन लिया ओर पहली बार घर में घुस कर पुलकित यादव की हत्या कर दी थी।
● पहला मामला मर्डर केस वर्ष 1991 में दर्ज हुआ था बुचन यादव वर्ष 1991 में पहली बार रघुवंशनगर ओपी क्षेत्र के पुलकित यादव की हत्या उसके घर में घुस कर कर दी थी
● इसके बाद वर्ष 1996 में दो शिक्षक भाई सुभाष यादव और प्रभाष यादव की दिन दहारै हत्या कर दी गई थी जिसके बाद इलाके में बुचन यादव का दवदवा बढ़ता चला गया ।
● बुचन यादव के खिलाप कुल 24 मामले दर्ज किया गया है जिसमें 7 हत्या के मामले एक लूट सहित अन्य मामले दर्ज है जिसमें मधेपूरा जिला के बिहारिगंज थाना में कुल 3 मामले ,मुरलीगंज थाना में कुल 1 मामले व रघुवंशनगर ओपी बड़हरा थाना में कुल 20 मामले दर्ज है
● गांव का माहौल क्या है
मौत की खबर के बाद गौरीपुर पंचायत के मौजमपट्टी गाँव का माहौल सन्नाटे में तब्दील है अन्य दिनों की अपेक्षा लोगों की आवाजाही गाँव के सड़क पर काफी कम देखी जा राही है समाजसेवी होने के कारण गाँव व क्षेत्र के निर्धन-असहाय तक लगातार मदद भी इनके द्वारा पहुंचाया जाता था जिस कारण स्थानीय लोग काफी दुख है
● शव को कौन भागलपुर से लेकर आया
शव को बुचन यादव की पत्नी नीलम देवी व अन्य द्वारा लाया गया बुचन यादव का छोटा बेटा शबनम कुमार द्वारा दाह संस्कार किया गया।
बड़े बेटे को पेरोल के लिए परिजनों ने अर्जी दाखिल कि है
बड़े बेटे पैरोल के लिये अदालत में अर्जी दाखिल किया गया था मगर अदालत के द्वरा एक दिन का ही पैरोल मिला जिसको बड़े बेटे द्वारा नकारा गया और पिता के नखवाल,श्राद्ध,संपिण्डन हेतु पेरोल की मांग किया गया है जिसकी मंजूरी उपरान्त तीन दिनों के लिये बड़ा बेटा मौजमपट्टी अपने गाँव आ सकते है
– राजनीतिक सक्रियता क्या थी
बुच्चन यादव वर्ष 2001 से वर्ष 2006 तह गौरीपुर पंचायत के मुखिया निर्विरोध निर्वाचित हुआ था जिसके बाद परिवार के सदस्य को पंचायत के राजनैतिक में उतारा गया जहां बुचन यादव की पत्नी नीलम देवी लगातार एक चरण वर्ष 2011से वर्ष 2016 तक बड़हरा कोठी प्रखंड प्रमुख के पद पर रही वही वर्ष 2016 से अब तक नीलम देवी वर्तमान में गौरीपुर पंचायत के मुखिया पद पर है ।
बुच्चन यादव लगातार क्षेत्र के राजनीतिक में सक्रिय थे पहली बार पूर्णिया संसद पप्पू यादव के साथ सक्रिय थे उसके बाद राजद की सदस्यता लेने के बाद राजनीतिक कद बढ़ाते हुए पुनः वर्ष 2019 में कांग्रेस की सदस्यता लि जहां विधानसभा की तैयारी विधान सभा से करने लगा
– पत्नी बेटे और अन्य लोगों पर भी मामला दर्ज है क्या वे लोग भी दाह संस्कार में शामिल हुए ।
बुचन यादव के पत्नी पर कोई भी मामला दर्ज नहीं है जब की बड़े बेटे साहिल सौरभ पर रघुवंशनगर ओपी बड़हरा थाना में कुल 9 मामले दर्ज है जिसकी सुरुआत मारपीट से वर्ष 2016 से हुई है वही सबनम कुमार पर एक मामला दर्ज है जो अभी बाहर है। 


