जिउतिया पर्व पर ‘देश के बेटे’ आपदा मित्र ने गहरे पानी में डूब रही मां को सुरक्षित बचाया
जिउतिया पर्व पर ‘देश के बेटे’ आपदा मित्र ने गहरे पानी में डूब रही मां को सुरक्षित बचाया
जे टी न्यूज़, परबत्ता, खगड़िया : जीवित्पुत्रिका (जिउतिया) पर्व के अवसर पर सौंढ़ उत्तरी आइसोलेट गेट पर स्नान करने के दौरान गहरे पानी में बहकर डूब रही एक महिला की जान आपदा मित्र की तत्परता और साहस से बच गई। समय रहते किए गए बचाव कार्य से एक बड़ा हादसा टल गया और एक मां को नया जीवन मिल गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिउतिया पर्व के दौरान महिला सौंढ़ उत्तरी आइसोलेट गेट के समीप स्नान कर रही थी। इसी दौरान वह गहरे पानी की चपेट में आकर बहने लगी और डूबने लगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर मौजूद आपदा मित्रों ने बिना देर किए बचाव कार्य शुरू किया। उनकी सूझबूझ, साहस और तत्परता से महिला को सुरक्षित पानी से बाहर निकाल लिया गया।
संकट की घड़ी में देवदूत बने आपदा मित्र
इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि आपदा मित्र केवल प्रशिक्षित स्वयंसेवक ही नहीं, बल्कि संकट के समय लोगों की जान बचाने वाले ‘देश के बेटे’ भी हैं। पर्व-त्योहारों के दौरान घाटों पर उनकी सतर्कता और मुस्तैदी श्रद्धालुओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उनकी तत्परता से एक मां की जान बची और उसके परिवार पर आने वाला बड़ा संकट टल गया।
इन आपदा मित्रों की भूमिका रही सराहनीय
इस अवसर पर आपदा मित्र रामरूप मंडल, ऋषि कुमार, सूरज, रितेश, अमृत, राजा, अमरेश, सुरेश, नितीश एवं करण की भूमिका सराहनीय रही। आपदा मित्रों की सेवा, समर्पण और साहस समाज के लिए प्रेरणादायक है।
श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील
प्रशासन एवं आपदा मित्रों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि जिउतिया पर्व के दौरान नदी, घाट और गहरे पानी में स्नान करते समय विशेष सावधानी बरतें। तेज बहाव एवं खतरनाक जलस्तर वाले स्थानों पर स्नान करने से बचें। बच्चों को पानी के किनारे अकेला न छोड़ें और सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें।

आपदा मित्रों का संदेश स्पष्ट है—पर्व की खुशियां मनाएं, लेकिन सुरक्षा से समझौता न करें। आपकी थोड़ी-सी सावधानी किसी परिवार को जीवनभर का दर्द झेलने से बचा सकती है।



