एसआईआर रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त करने की मांग पर छात्र-युवा संगठनों का प्रदर्शन
जीपीओ की बैरिकेडिंग तोड़ते हुए आर ब्लॉक चौराहे पहुंचे प्रदर्शनकारी
एसआईआर रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त करने की मांग पर छात्र-युवा संगठनों का प्रदर्शन
जीपीओ की बैरिकेडिंग तोड़ते हुए आर ब्लॉक चौराहे पहुंचे प्रदर्शनकारी
राज्य मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय का किया घेराव

जे टी न्यूज,
पटना, 16 अक्टूबर 2026: विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया रद्द करने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से बर्खास्त करने तथा जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई वापस लेने की मांग को लेकर शुक्रवार को स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) की बिहार राज्य कमिटियों के संयुक्त आह्वान पर जोरदार प्रदर्शन किया गया।
दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं ने पटना के जमाल रोड से जुलूस निकाला। जुलूस जीपीओ गोलंबर होते हुए आर ब्लॉक चौराहे पहुंचा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जीपीओ के पास लगी बैरिकेडिंग तोड़ दी और राज्य मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन एवं घेराव किया।
प्रदर्शन के दौरान छात्र-युवा नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता, निष्पक्षता और नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग
डीवाईएफआई के केंद्रीय कमिटी सदस्य मनोज कुमार चंद्रवंशी ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव व्यवस्था आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर आम नागरिकों, विशेषकर गरीबों, मजदूरों, वंचित तबकों और समाज के कमजोर वर्गों के बीच मताधिकार को लेकर गंभीर आशंकाएं पैदा हुई हैं।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिससे किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से बाहर होने का खतरा उत्पन्न न हो। संगठनों ने चुनाव आयोग से मतदाता सूची से संबंधित सभी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और प्रत्येक पात्र नागरिक के संवैधानिक मताधिकार की रक्षा करने की मांग की।
पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में डीवाईएफआई के केंद्रीय कमिटी सदस्य मनोज कुमार चंद्रवंशी, एसएफआई की राज्य अध्यक्ष कांति कुमारी, डीवाईएफआई के राज्य सचिव उमेश शर्मा, एसएफआई के राज्य सचिव देवदत्त कुमार तथा डीवाईएफआई के राज्य अध्यक्ष आसिफ अली शामिल थेl
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन के माध्यम से एसआईआर की प्रक्रिया, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों के दौरान की गई कार्रवाई से जुड़े सवाल उठाए। नेताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। छात्र-युवा संगठनों की आवाज दबाने के बजाय उनकी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाना चाहिए।
छह प्रमुख मांगें उठाईं
एसएफआई और डीवाईएफआई ने अपनी प्रमुख मांगों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया तत्काल रद्द करने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से बर्खास्त करने, जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई वापस लेने, सभी पात्र नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही कायम करने की मांग की। इसके साथ ही संगठनों ने शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलनों पर दमनात्मक कार्रवाई बंद करने की भी मांग की।
संगठनों ने कहा कि लोकतंत्र, संविधान और नागरि
कों के मताधिकार की रक्षा के लिए छात्र-युवा आंदोलन लगातार संघर्ष करता रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार नहीं किया गया, तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
प्रदर्शन में पूर्व विधायक सत्येंद्र यादव, अहमद अली, राजमंगल प्रसाद, रंगलाल पासवान, महेश कुमार, बबलू कुमार, इम्तियाज और अनुपम कुमार सहित कई अन्य लोग मौजूद थे।


