एसआईआर वापस लेने और दिलशाद अंसारी को न्याय दिलाने के लिए 23 अक्टूबर को बेतिया में विशाल धरना

माकपा ने पुलिस हिरासत में मौत के मामले की उच्चस्तरीय जांच

एसआईआर वापस लेने और दिलशाद अंसारी को न्याय दिलाने के लिए 23 अक्टूबर को बेतिया में विशाल धरना
माकपा ने पुलिस हिरासत में मौत के मामले की उच्चस्तरीय जांच
दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा और पीड़ित परिवार को 30 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की

जे टी न्यूज़, बेतिया : भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की पश्चिम चंपारण जिला कमिटी की बैठक मीना बाजार स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को वापस लेने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने तथा दिलशाद अंसारी की मौत के मामले में न्याय दिलाने को लेकर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया। पार्टी ने घोषणा की कि इन मांगों के समर्थन में 23 अक्टूबर को बेतिया में विशाल धरना दिया जाएगा।

बैठक को संबोधित करते हुए माकपा के बिहार राज्य सचिव मंडल सदस्य प्रभुराज नारायण राव ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर देशभर में सवाल उठाए जा रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली सहित विभिन्न स्थानों पर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे लोगों को रोकने के लिए बल प्रयोग किया जा रहा है।

प्रभुराज नारायण राव ने 16 अक्टूबर को दिल्ली में हुए प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती और गिरफ्तारियों के बावजूद आंदोलन कमजोर नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक विरोध और असहमति के अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए।
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उन्होंने 16 अक्टूबर को पटना में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) के प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, छात्र-युवा संगठनों ने एसआईआर की प्रक्रिया के विरोध में प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखा।

दिलशाद अंसारी की मौत के मामले में न्याय की मांग

बैठक में पश्चिम चंपारण जिले के चनपटिया प्रखंड अंतर्गत औरैया पंचायत के बरई टोला निवासी दिलशाद अंसारी की पुलिस हिरासत में हुई मौत का मामला प्रमुखता से उठाया गया। माकपा नेताओं ने कहा कि इस मामले में छह पुलिसकर्मियों का निलंबन पर्याप्त नहीं है। उन्होंने मांग की कि घटना की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा चलाकर कानूनी कार्रवाई की जाए।

पार्टी ने मृतक के परिवार को 30 लाख रुपये मुआवजा देने, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने तथा मृतक के छोटे बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी बिहार सरकार द्वारा सुनिश्चित करने की मांग की।

प्रभुराज नारायण राव ने आरोप लगाया कि मामले की जांच में किसी भी तरह की लीपापोती नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और दोषियों की जवाबदेही तय करने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन और व्यापक किया जाएगा।

एक नवंबर को दिल्ली कूच की तैयारी

बैठक में जिला सचिव चाँदसी प्रसाद यादव ने संगठनात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि माकपा पश्चिम चंपारण में जनसमस्याओं को लेकर लगातार आंदोलन कर रही है। एसआईआर वापस लेने की मांग को लेकर पार्टी ने 10 अगस्त को बड़े पैमाने पर गिरफ्तारी दी थी और आगे भी संघर्ष जारी रहेगा।

उन्होंने बताया कि एक नवंबर को इंडिया गठबंधन की ओर से प्रस्तावित ‘दिल्ली चलो’ आंदोलन में पश्चिम चंपारण से पार्टी कार्यकर्ता शामिल होंगे। बैठक में वक्ताओं ने मताधिकार की सुरक्षा, लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और दिलशाद अंसारी के परिवार को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।

बैठक में प्रभुनाथ गुप्ता, प्रकाश कुमार वर्मा, शंकर कुमार राव, नीरज बरनवाल, मो. हनीफ, मोहम्मद वहीद, जगन्नाथ यादव, मनोज कुशवाहा और सुशील श्रीवास्तव सहित अन्य नेताओं ने अपने विचार रखे। बैठक की अध्यक्षता रामा यादव ने की।

माकपा ने लोगों से अपील की कि वे 23 अक्टूबर को बेतिया में आयोजित होने वाले धरने में शामिल होकर एसआईआर वापस लेने और दिलशाद अंसारी के परिवार को न्याय दिलाने की मांग को समर्थन दें।

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