केरल कला समिति पटना ने धूमधाम से मनाई स्वर्ण जयंती, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
50 वर्षों की सांस्कृतिक यात्रा का उत्सव; बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने किया उद्घाटन, 600 से अधिक केरलवासी हुए शामिल
केरल कला समिति पटना ने धूमधाम से मनाई स्वर्ण जयंती, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
50 वर्षों की सांस्कृतिक यात्रा का उत्सव; बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने किया उद्घाटन, 600 से अधिक केरलवासी हुए शामिल
जे टी न्यूज,
पटना: बिहार में कला, संस्कृति, साहित्य और केरल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समर्पित केरल कला समिति, पटना ने रविवार को अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने पर स्वर्ण जयंती समारोह का भव्य आयोजन किया। फ्रेजर रोड स्थित भारतीय नृत्य कला मंदिर में आयोजित इस समारोह में केरल की पारंपरिक कला, नृत्य और संगीत की आकर्षक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में बिहार के विभिन्न हिस्सों से केरल समुदाय के 600 से अधिक सदस्यों ने भाग लिया।
स्वर्ण जयंती समारोह का उद्घाटन बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में समिति की पांच दशकों की सांस्कृतिक यात्रा और बिहार में सांस्कृतिक सौहार्द को मजबूत करने के प्रयासों की सराहना की। बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने मेधावी विद्यार्थियों को शिक्षा पुरस्कार प्रदान किए, जबकि कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने स्वर्ण जयंती स्मारिका का विमोचन किया। इस अवसर पर समिति की ओर से दी जाने वाली दान सहायता का भी वितरण किया गया।
समारोह के दौरान समिति की 50 वर्षों की उपलब्धियों और गतिविधियों पर आधारित विशेष वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया। इसके बाद केरल की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को दर्शाते पारंपरिक नृत्य, संगीत और अन्य कलात्मक प्रस्तुतियां आयोजित की गईं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से केरल की सांस्कृतिक विरासत की जीवंत झलक देखने को मिली।
इस अवसर पर बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन, केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, केरल एवं बिहार के पूर्व राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव सहित बिहार और केरल के सांसदों, विधायकों एवं मंत्रियों ने शुभकामना संदेश भेजकर समिति को बधाई दी।

समिति के अध्यक्ष शिबू सैमुअल ने कहा कि स्वर्ण जयंती सभी सदस्यों के लिए गर्व और कृतज्ञता का अवसर है। यह पिछले पांच दशकों में समिति के निर्माण और विकास में योगदान देने वाले सभी लोगों को याद करने तथा भविष्य के लिए नई प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ने का समय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह आयोजन बिहार और केरल के बीच सांस्कृतिक सद्भाव एवं आपसी मित्रता को और मजबूत करेगा।
उल्लेखनीय है कि केरल कला समिति की स्थापना वर्ष 1977 में हुई थी तथा वर्ष 1981 में बिहार सरकार के सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत इसका पंजीकरण कराया गया। पिछले पांच दशकों में समिति ने सांस्कृतिक, सामाजिक, साहित्यिक एवं सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से केरल और बिहार के लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समिति कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने के साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य भी करती रही है। वर्ष 2012 से समिति केरल सरकार के अनिवासी केरलवासियों के मामलों से जुड़े विभाग नॉर्का (NORKA) से भी संबद्ध है।
समारोह के आयोजन एवं समन्वय में समिति की महासचिव विजु राजेश, कार्यक्रम संयोजक बिनु के. कोसे, कोषाध्यक्ष अश्विन जेम्स, उपाध्यक्ष बेनी जी.एल., संयुक्त सचिव रेशमी अभिषेक तथा कार्यकारिणी समिति के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

