राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस पर दिया विश्व शांति एवं अहिंसा का संदेश।

जे टी न्यूज़/बेतिया।

राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस पर , डॉ एजाज अहमद अधिवक्ता,डॉ सुरेश कुमार अग्रवाल, ने कहा कि विश्व भर में आतंकवादी घटनाओं प्राकृतिक आपदाओं एवं कोरोनावायरस संक्रमण में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ,भारत में प्रत्येक वर्ष 21 मई को आतंकवाद विरोधी दिवस के रूप में मनाया जाता है ! आतंकवाद से निपटने के लिए भारत में 21 मई को नेशनल एंटी टेररिज्म डे मनाने की शुरुआत पहले हुई थी । असल में यह उन लोगों को श्रद्घांजलि देने का दिन है जिन्होंने आतंकी हमलों में जान गंवाई। साथ ही उन सैनिकों का सम्मान का भी जिन्होंने आतंक के खिलाफ लड़ाई लड़ी।
वैसे तो इस समय भारत समेत दुनिया के अनेक देश कोरोना महामारी गंभीर समस्या है, आतंकवाद, जिसका खामियाजा भारत भी पिछले कई सालों से भुगत रहा है।

वास्तव में यह उन लोगों को श्रद्घांजलि देने का दिन है, जिन्होंने आतंकवादी हमलों में अपनी जान गंवाई और यह दिवस उन हजारों सैनिकों के बलिदान का सम्मान भी करता है, जिन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। इसकी आधिकारिक घोषणा 21 मई 1991 को भारत के सातवें प्रधानमंत्री ,राजीव गांधी की हत्या के बाद की गई थी, जो लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) के एक आतंकवादी अभियान के दौरान तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में मारे गए थे।

इस दिवस को मनाने का अहम उद्देश्य यही है कि देश में, आतंकवाद, हिंसा के खतरे और उनके समाज, लोगों तथा देश पर पड़ने वाले खतरनाक असर के बारे में ,लोगों में जागरूकता बढ़ाई जाए, शांति और मानवता का संदेश फैलाना, लोगों के बीच आपसी सद्भाव का बीजारोपण कर उनमें एकता को बढ़ावा देना, युवाओं को आतंकवाद और हिंसा के पथ से दूर रखना, उनमें देशभक्ति जगान, यही आतंकवाद विरोधी दिवस मनाने का प्रमुख उद्देश्य है। इस अवसर पर ,डॉ एजाज अहमद ,डॉ सुरेश कुमार अग्रवाल, अमित कुमार लोहिया एव डॉ शाहनवाज अली ने कहा कि भारत वर्षों से आतंकवाद से पीड़ित रहा है ,भारत सदैव से ही राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद का विरोधी रहा है! हिंसा को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता है !पश्चिम एशिया में, फलस्तीन एवं इजरायल के बीच हिंसक घटनाओं को रोकने का प्रयास करें ,ताकि पश्चिम एशिया में, संयुक्त राष्ट्र संघ एवं महात्मा गांधी के आदर्श एवं मूल्यों के अनुरूप स्थाई शांति आ सके।

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