संयुक्त किसान मोर्चा,बिहार की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए
संयुक्त किसान मोर्चा,बिहार की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए

जे टी न्यूज, पटना: स्वामी सहजानंद सरस्वती आश्रम पटना में संयुक्त किसान मोर्चा,बिहार की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। संयुक्त किसान मोर्चा,बिहार से जुड़े सभी किसान नेता
22 मई को बक्सर कूच करेंगे।
प्रधानमंत्री के बक्सर आगमन से एक दिन पहले बक्सर में संयुक्त किसान मोर्चा,बिहार के बैनर तले किसान मौन प्रतिरोध मार्च निकालेंगे।
एक स्वाति महीवाल को लात लगी तो मुजरिम जेल में, मगर बनारपुर,कोच्चाढी और मोहनपुरवा में दर्जनों 90 साल की बूढी माता जी और दुधमुंहे बच्चे सहित सैकड़ो महिलाओं पर जानलेबा हमला, लाठी डंडों से पीट-पीट कर बुरी तरह से घायल कर दिया।भीषण लाठी चार्ज,लूटपाट,तोड़-फोड़, सैकड़ो लोग घायल हुए,सैकड़ो लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाया गया और बेकसूर 33 पुरुष-महिला किसान महीनों से जेल में बंद है।परन्तु यह सारा कुकांड करने वाला बक्सर जिला प्रशासन का एक भी अधिकारी आज तक गिरफ्तार नहीं हुआ क्यों ? मोदी जी और नीतीश जी की डब्ल इंजन की सरकार, बक्सर आने से पहले, बक्सर के मतदाताओं को इसका जवाब दे। वर्ना संयुक्त किसान मोर्चा,बिहार के नेतृत्व में बक्सर के मतदाता काला झंडा से आपका स्वागत करने को मजबूर होंगे। संयुक्त किसान मोर्चा बिहार के सभी नेतागण बक्सर और कैमूर जिला के गांवों में सघन अभियान चलाकर गांव-गांव में चौक चौराहे किसान चौपाल लगाकर किसानों को गोल बंद करेंगे और मोदी सरकार को बेनकाब करेंगे। मोदी को परास्त करो,उन्हें दंडित करो का नारा गांव-गांव में किसान लगाएंगे।

बक्सर जिला प्रशासन के जुल्मों सितम से तबाह और बर्बाद हुए किसान न्याय की गुहार लगाने न्यायालय के शरण में गए, पर वहां भी उन्हें न्याय की कोई उम्मीद दिखाई नहीं दे रही है। चौसा कांड का मुजरिम बक्सर जिला प्रशासन न्यायपालिका को गलत सूचना देकर गुमराह कर रही है और गलत फैसला करवा रही है। जिसका उदाहरण है कि नरेंद्र तिवारी पिता चंद्रदीप तिवारी,महीनों से जेल में बंद है,पर उनके घर पर भी ढोल-बाजा के साथ कुर्की जप्ती का इश्तिहार चिपका दी गई। जबकि नरेंद्र तिवारी पिता स्व जग नारायण तिवारी जिनके नाम पर यह कुर्की नोटिस न्यायालय से निकला है। उस नाम का कोई व्यक्ति बनारपुर गांव में नहीं है। उसका कोर्ट से कुर्की का इस्तेहार निकलना हास्यास्पद है और आम लोगों के मन में संदेह पैदा कर रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा माननीय न्यायमूर्ति मुख्य न्यायाधीश महोदय पटना हाईकोर्ट से नम्र निवेदन करना चाहता है कि चौसा की घटना को स्वयं अपने संज्ञान में लेकर पूरे घटनाक्रम की छानबीन करें तभी चौसा के लगभग 23 गाँवों के किसानों को वाजिब न्याय मिल सकेगा। इसके लिए संयुक्त किसान मोर्चा विशेष पहल करेगी।

जिला प्रशासन द्वारा लगातार दमनात्मक कार्रवाई कर लोगों को भयभीत कर रही है ताकि वे अपने- अपने गांव से पलायन कर जाए। लोकतंत्र के इस महापर्व में वे लोग भी भाग ले। इसके लिए चुनाव आयोग विशेष पहल करें और उन्हें वोट देने का मौलिक अधिकार दिलाए।
संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक को संबोधित करते हुए किसान नेता दिनेश कुमार सिंह,अशोक प्रसाद सिंह, अनिल कुमार सिंह,अमेरिका महतो,शाहीद कमाल,संजीव कुमार, गोपाल शर्मा,मनोज कुमार,रामायण सिंह,मणिलाल,उडयन राय,मिथिलेश कुमार शर्मा,अशोक प्रियदर्शी,सत्येंद्र नारायण सिंह,उमेश सिंह,जनक देव सिंह,नरेश यादव,भोला यादव और वशिष्ठ शर्मा आदि ने अपना बहुमूल्य सुझाव बैठक मे प्रस्तुत किए।संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक डॉ श्यामनंदन शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। सर्वप्रथम इस बैठक में महान किसान नेता,ओजस्वी वक्ता,कई भाषाओं के विद्वान स्वामीनाथन कमीशन के एकमात्र किसान प्रतिनिधि किसानो के मशीहा स्व अतुल कुमार अंजान के लम्बी बिमारी के कारण लखनऊ के अस्पताल मे हुई आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त करते हुए 2 मिनट मौन रखा गया।




