नेपाल में 2082 को पर्यटन वर्ष घोषित10 लाख पर्यटकों का लक्ष्य

नेपाल में 2082 को पर्यटन वर्ष घोषित10 लाख पर्यटकों का लक्ष्य जे टी न्यूज, सुपौल :
नेपाल सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2082 को पर्यटन वर्ष घोषित किया है। इस अभियान के तहत भारत और नेपाल के पत्रकारों के शिष्टमंडल को 25 जून से 1 जुलाई तक नेपाल के प्रमुख पर्यटक स्थलों का भ्रमण कराया गया। इस दौरान पत्रकारों ने धरान के पास स्थित दंत काली शक्ति पीठ, खांडवारी की मनोकामना देवी, हेलेसी महादेव मंदिर जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का दौरा किया।

हेलेसी महादेव मंदिर को नेपाल का अमरनाथ कहा जाता है। मान्यता है कि यहीं भगवान शिव ने भस्मासुर का वध किया था। यह स्थल हिंदू, बौद्ध और किरात राई समुदायों का संगम माना जाता है। किरात राई जाति का उद्गम स्थल भी यही माना जाता है। खांदबारी के पास अरुण कोसी के तट पर मनकामना मंदिर के बगल में बह रही अरुण कोशी के किनारे वह शिलापट आज भी मौजूद है, जहां सती का शरीर रखा गया था।

धरान के पास स्थित दंत काली मंदिर को शक्ति पीठ माना जाता है। मान्यता है कि सती का एक दंत यहीं गिरा था। यह दंत आज भी सुरक्षित है। जहां भक्तों को इसका दर्शन कराया जाता है, लेकिन फोटोग्राफी की अनुमति नहीं है।

इटहरी में बाल मैत्री पार्क, वाटर पार्क, बारह क्षेत्र कोका और कोसी नदी का संगम स्थल भी दर्शनीय है। इसे धरती का पहला तीर्थस्थल कहा जाता है। धनकुटा, तेर्थूम का रॉक गार्डन, नेपाल का राष्ट्रीय फूल लाली गौरांस का जंगल, हिले, बेडेटार, बसंतपुर, भोजपुर, खांदबारी जिसे रुद्राक्ष की राजधानी कहा जाता है, तुम्बलिंगटार, नौलेगांव झरना, रिंबी झरना, काजोखोबा, खोटांग जैसे स्थल भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।दी हिमालियन टाइम्स के अनुसार, पिछले 5 महीनों में नेपाल में 5 लाख विदेशी पर्यटक पहुंचे हैं। होटल व्यवसायी और कोशी पर्यटन विभाग के सदस्य बासुदेव बराल ने बताया की नेपाल में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। पर्यटन नेपाल की आय का प्रमुख स्रोत है। कोशी प्रदेश सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई रणनीतियों पर काम कर रही है।

हालांकि सीमावर्ती क्षेत्रों से निजी वाहन से नेपाल जाने वाले पर्यटकों को प्रशासनिक जांच और करों के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इससे पर्यटक नेपाल जाने से कतराते हैं। बासुदेव पराल ने बताया, पर्यटन वर्ष 2082 में पर्यटकों की संख्या 4 लाख से बढ़ाकर 10 लाख करने का लक्ष्य रखा गया है। सीमावर्ती पर्यटकों की समस्याओं को देखते हुए प्रशासन से समन्वय कर समाधान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही पर्यटकों को विशेष सुविधाएं मिलेंगी।

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