*भीषण रेल हादसा: मालगाड़ी ने मजदूरों को रौंदा, 17 की मौत, 5-5 लाख के मुआवजे का ऐलान*

आखिर इस हादसे की जिम्मेदारी किसकी,केंद्र या महाराष्ट्र सरकार ?

भीषण रेल हादसा:
मालगाड़ी ने मजदूरों को रौंदा, 17 की मौत, 5-5 लाख के मुआवजे का ऐलान

प्रवासी मजदूरों को मालगाड़ी ने रौंदा

रात में थक कर चूर सोये, सुबह का सूरज नहीं देख पाए

पटरी पर पढे लाश मानो कुव्यवस्था की पोल खोल रहे थे

आखिर इस हादसे की जिम्मेदारी किसकी,केंद्र या महाराष्ट्र सरकार

जेटीन्यूज

नई दिल्ली:
महाराष्ट्र के औरंगाबाद से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां रेल की पटरी पर प्रवासी मजदूरों को एक मालगाड़ी ने रौंद दिया. औरंगाबाद के जालना रेलवे लाइन के पास ये हादसा हुआ है, जिसमें 16 मजदूरों की मौत हो गई है जबकि कई अन्य मजदूर घायल बताए जा रहे हैं. ये हादसा औरंगाबाद-जालना रेलवे लाइन पर शुक्रवार सुबह 6.30 बजे के करीब हुआ है. रेल मंत्री ने इस घटना के जांच के आदेश दिए हैं.

ये सभी प्रवासी मजदूर अपने घर पैदल जा रहे थे, जिस दौरान ये हादसा हुआ. घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं.

ये सभी मजदूर मध्य प्रदेश के रहने वाले थे, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मृतक मजदूरों के परिवार वालों को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है. उन्होंने रेल मंत्री से बात कर घायलों की सहायता करने को कहा है.

रेलवे की ओर से जारी किया गया बयान

दक्षिण सेंट्रल रेलवे की चीफ पब्लिक रिलेशन ऑफिसर का कहना है कि औरंगाबाद में कर्माड के पास एक हादसा हुआ है, जहां मालगाड़ी का एक खाली डब्बा कुछ लोगों के ऊपर चल गया है. आरपीएफ और स्थानीय पुलिस मौके पर मौजूद है.

भारतीय रेलवे की ओर से इस हादसे को लेकर जो बयान जारी किया गया है, उसमें कहा गया है कि औरंगाबाद से कई मजदूर पैदल सफर कर आ रहे थे, कुछ किलोमीटर चलने के बाद ये लोग ट्रैक पर आराम करने के लिए रुके, उस वक्त मालगाड़ी आई और उसकी चपेट में कुछ मजदूर आ गए .

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी औरंगाबाद में हुए रेल हादसे पर दुख व्यक्त किया है. पीएम मोदी ने ट्वीट कर लिखा कि औरंगाबाद में हुए रेल हादसे में जिनकी जान गई है, उससे काफी दुख पहुंचा है. पीएम मोदी ने इस हादसे के बारे में रेल मंत्री पीयूष गोयल से बात की है और हालात का जायजा लेने को कहा है
सबसे बड़ा सवाल उठता है कि आखिर क्यों मजदूर पैदल जाने को विवश हुए अपने देश, महाराष्ट्र सरकार क्या कर रही थी। आखिर यहाँ किसकी जवाबदेही तय होगी। ये तो आने वाला समय ही बताएगा।

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