पंचायत सचिवों पर सख्त कार्रवाई: वेतन से होगी दंड राशि की वसूली, डीएम ने दिए सख्त निर्देश
पंचायत सचिवों पर सख्त कार्रवाई: वेतन से होगी दंड राशि की वसूली, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

जे टी न्यूज,मधुबनी : जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा द्वारा बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत दंडित किए गए पंचायत सचिवों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों को उनके वेतन से दंड राशि की वसूली सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
जिला पदाधिकारी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, विभिन्न प्रखंडों—लौकही, खुटौना, झंझारपुर, फुलपरास, हरलाखी एवं मधेपुर—में पदस्थापित पंचायत सचिवों द्वारा समयबद्ध सेवा प्रदान नहीं किए जाने के कारण उन पर आर्थिक दंड अधिरोपित किया गया था। अब इन सभी मामलों में दंड राशि की वसूली की प्रक्रिया को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया गया है।
33 पंचायत सचिवों पर कुल ₹93,500 का दंड
उक्त कार्रवाई के तहत कुल 33 पंचायत सचिवों पर ₹93,500 का दंड निर्धारित किया गया है, जिसमें से कुछ मामलों में आंशिक वसूली (₹2000) हो चुकी है तथा शेष राशि की वसूली की प्रक्रिया जारी है। दंड की राशि ₹1000 से लेकर ₹6500 तक निर्धारित की गई है।
प्रमुख निर्देश
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि—
सभी संबंधित पंचायत सचिवों के माह अप्रैल 2026 के वेतन से दंड राशि की कटौती करते हुए उसे निर्दिष्ट खाते में जमा कराया जाए।
वसूली की गई राशि को आधिकारिक खाता में जमा करना सुनिश्चित किया जाए।
जिन पंचायत सचिवों का स्थानांतरण या सेवानिवृत्ति हो चुकी है, उनके मामलों में भी संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी तत्काल कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
इस संपूर्ण प्रक्रिया की प्रतिवेदन 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया है।
जवाबदेही तय, लापरवाही बर्दाश्त नहीं
जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा ने कहा कि आम नागरिकों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यरत पंचायत सचिवों की कार्यशैली की नियमित समीक्षा करें तथा सेवा वितरण प्रणाली को प्रभावी बनाएं।
आमजन को मिलेगा लाभ
इस कार्रवाई से जिले में लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम के तहत सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा आम नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित हो सकेंगी।


