नई दिल्ली में बर्बर पुलिस राज के खिलाफ एसकेएम का कड़ा विरोध – न्यायिक जांच की मांग
एसकेएम ने छात्रों के विशाल शांतिपूर्ण आंदोलन को लोकतंत्र के पुनर्जागरण का प्रतीक बताया, कहा - युवा नेतृत्व के हाथों में भारत का भविष्य सुरक्षित
नई दिल्ली में बर्बर पुलिस राज के खिलाफ एसकेएम का कड़ा विरोध – न्यायिक जांच की मांग
एसकेएम ने छात्रों के विशाल शांतिपूर्ण आंदोलन को लोकतंत्र के पुनर्जागरण का प्रतीक बताया, कहा – युवा नेतृत्व के हाथों में भारत का भविष्य सुरक्षित 
जे टी न्यूज, दिल्ली: संयुक्त किसान मोर्चा लगातार हो रहे प्रश्नपत्र लीक के लिए जवाबदेही तय करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तथा भ्रष्ट राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को समाप्त करने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे हजारों छात्र-युवा प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए बर्बर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे जाने की कड़ी निंदा करता है।
अब तक प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार हजारों छात्र घायल हुए हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों की ओर से किसी प्रकार का कोई उकसावा नहीं था। गृह मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय के इशारे पर इस प्रकार की बर्बरता किसी भी लोकतंत्र में स्वीकार नहीं की जा सकती। पिछले तीन सप्ताह से छात्र जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से अनशन और आंदोलन कर रहे थे। देश की जनता की अपेक्षा थी कि भारत सरकार, विशेषकर प्रधानमंत्री, उनसे संवाद करेगी और उनकी न्यायसंगत मांगों को स्वीकार करेगी। इसके बजाय इस प्रकार का निर्मम दमन करना तथा दिल्ली पुलिस को छात्रों और युवाओं का शत्रु सेना की तरह शिकार करने की खुली छूट देना दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार दोनों के लिए अत्यंत शर्मनाक है। आंसू गैस के व्यापक इस्तेमाल और सैकड़ों छात्रों के सिर पर गंभीर चोटें लगने की घटनाओं को देखते हुए एसकेएम तत्काल न्यायिक जांच, दोषियों की पहचान तथा इस प्रकार की ज्यादती के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कड़ी और उदाहरणात्मक कार्रवाई की मांग करता है।
पुलिस ने जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे छात्र आंदोलनकारियों को बलपूर्वक हटाया है। यह देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को सीधी चुनौती है और इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। एसकेएम छात्र आंदोलन के साथ अपनी पूर्ण एकजुटता और समर्थन व्यक्त करता है तथा देशभर के किसानों से 21 जुलाई 2026 को आयोजित छात्र विरोध दिवस में बढ़-चढ़कर भाग लेने और छात्रों के संघर्ष के साथ खड़े होने का आह्वान करता है।
एसकेएम छात्रों द्वारा निकाले गए विशाल, शांतिपूर्ण संसद मार्च को सलाम करता है, जो भाजपा-नीत शासन के तहत लागू ‘अघोषित आपातकाल’ की परिस्थितियों में भारत में लोकतंत्र के पुनर्जागरण का प्रतीक है। यह इस बात का भी प्रमाण है कि देश की युवा पीढ़ी समाज के मूल नैतिक मूल्यों के प्रति संवेदनशील है और उनके लिए त्याग करने को तैयार है। इसलिए भारत का भविष्य युवा पीढ़ी के हाथों में सुरक्षित है।
एसकेएम छात्र आंदोलन के प्रति अपनी एकजुटता और समर्थन को पुनः दोहराता है तथा देशभर के किसानों से अपील करता है कि वे तब तक छात्रों के संघर्ष का सक्रिय समर्थन करें, जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, एनटीए को रद्द नहीं किया जाता, तथा प्रश्नपत्र लीक और 20 से अधिक निर्दोष विद्यार्थियों की आत्महत्याओं के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार मुकदमा दर्ज कर उन्हें दंडित नहीं किया जाता।
*जारीकर्ता: मीडिया सेल | संयुक्त किसान मोर्चा*

