खराब पड़े नल-जल योजनाओं एवं चापाकलों को अविलंब दुरुस्त करने का जिला पदाधिकारी ने दिया निर्देश
288 नल-जल योजनाओं एवं 280 चापाकलों के खराब रहने पर कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी से स्पष्टीकरण तलब
खराब पड़े नल-जल योजनाओं एवं चापाकलों को अविलंब दुरुस्त करने का जिला पदाधिकारी ने दिया निर्देश
288 नल-जल योजनाओं एवं 280 चापाकलों के खराब रहने पर कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी से स्पष्टीकरण तलब
लापरवाह संवेदकों पर आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा-56 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश
जे टी न्यूज,मधुबनी

जिला पदाधिकारी श्री आनंद शर्मा ने जिले में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा के दौरान खराब पड़े 288 नल-जल योजनाओं एवं 280 चापाकलों पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) से इस संबंध में तत्काल स्पष्टीकरण तलब किया है।
जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी खराब नल-जल योजनाओं एवं चापाकलों को युद्धस्तर पर अविलंब चालू कराया जाए ताकि आम नागरिकों को निर्बाध एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने संबंधित कार्यपालक अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक पंचायत में खराब पेयजल स्रोतों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करें तथा इसकी प्रतिदिन निगरानी एवं समीक्षा की जाए।
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन संवेदकों की लापरवाही के कारण नल-जल योजनाएँ बंद पड़ी हैं, उनके विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा-56 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर कठोर विधिक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस कार्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों एवं एजेंसियों को निर्देश दिया है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी खराब नल-जल योजनाओं एवं चापाकलों को पूर्ण रूप से चालू कर अनुपालन प्रतिवेदन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।


